29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Shiv pujan: निकली कावड़ यात्रा, मंत्रोच्चार के साथ सहस्रधारा

गुलाब के पुष्प, फलों, ड्राइ फ्रूट और अन्य सामग्री से विशेष श्रंगार किया गया। महाआरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 6 Aug 2019, 8:15 AM IST

shiv pujan in ajmer

shiv pujan in ajmer

अजमेर. शहर में भोलेनाथ (bholenath) की पूजा अर्चना (worship) जारी है। मंगलवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में गाजे-बाजे के साथ कावड़ यात्रा (kawad yatra) निकाली गई। मंदिरों (shiv temples)में मंत्रोच्चार से रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और पूजन किया गया। सावन माह की समाप्ति तक यह दौर चलेगा।

शहर के रामगंज, केसरगंज, बिहारी गंज, नया बाजार, आंतेड़, आगरा गेट, वैशाली, झरनेश्वर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, मदार गेट, नगर, कोटड़ा, आदर्श नगर और अन्य शिवालयों (bholenath mandir) में लोगों ने बिल्व पत्र, पुष्प, हल्दी-चंदन, दूब, दूध और अन्य सामग्री से पूजा-अर्चना की। क्लाक टावर के निकट जागेश्वर महादेव मंदिर में देवपूजन के बाद मंत्रोच्चार से सहस्रधारा हुई। शहर के अन्य शिवालयों में भी सहस्रधारा के बाद भोलेनाथ, गणेश, पार्वती, कार्तिकेय और नंदी का दूब, गुलाब के पुष्प, फलों, ड्राइ फ्रूट और अन्य सामग्री से विशेष श्रंगार (special decoration) किया गया। महाआरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।

read more: saavan special : जतोई दरबार मंदिर में भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा के साथ करें 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन

धूमधाम से निकाली कावड़ यात्रा

सुबह से ही कावड़ यात्रा का दौर शुरू हो गया। श्री झरनेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में सुबह कावड़ यात्रा निकाली गई। अखिल भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन, लायंस क्लब उमंग के कार्यकर्ताओं ने नला बाजार में कावडिय़ों का स्वागत (welcome) किया। कावडिय़ों ने पुष्कर घाटी और झरनेश्वर की पहाडिय़ों पर पुष्पों के बीज भी डाले। कमला नेहरू अस्पताल स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में सहस्रधारा हुई। इसी तरह शहर के अन्य भागों में कावडि़ए ढोल-ढमाकों पर नाचते-गाते (dance on music) पुष्कर सरोवर (pushkar lake) और अन्य जलाशयों से जल लेकर निकले।उन्होंने विभिन्न शिवालयों (shiv temples) में अभिषेक किया। कावड़ यात्रा का शहरवासियों ने जगह-जगह गुलाब के फूल (rose petals) बरसा कर स्वागत किया।

read more: पुष्करारण्य की परिक्रमा पदयात्रा थांवला पहुंची

चौथा वन सोमवार 12 को
परम्परानुसार सावन का तीसरा वन सोमवार (special monday) मनाया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाली महिलाओं और बालिकाओं ने सुभाष उद्यान अथवा अन्य स्थानों पर जाकर भोजन किया। सावन माह में अब 12 अगस्त को वन सोमवार आएगा।