
अलीगढ़ में हुई धर्म संसद में कालीचरण महाराज ने विवादित बयानबाजी की है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर फाइल्स में जो दिखाया गया है, वह एक प्रतिशत भी नहीं है। सेंसर बोर्ड ने भी मुसलमानों के डर की वजह से नहीं दिखाया, क्योंकि उसको भी डर था कि उसको भी काट डालेंगे। उन्होंने कहा कि जैसा कश्मीर में हुआ था, उसी तरह यहां पर भी होने वाला है। जगह-जगह पाकिस्तान बन रहा है। क्योंकि यहां क्रिकेट में अगर भारत हार जाता है तो पटाखे जलाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पीएम मोदी पाकिस्तान से युद्ध छेड़ा तो यहां के मुसलमान पाकिस्तान का साथ देंगे। ये समझो, अगर नहीं समझे तो अपनी बहन, अपनी बेटी, अपनी मां, अपनी लवर, उनकी टेंशन लो। आगे उन्होंने बेहद आपत्तिजनक बात कही जिसे हम नहीं लिख सकते। उन्होंने कहा कि चूड़ियां पहनकर देखते रह जाओगे तुमको काट डाला जाएगा। 100 लोग एक साथ आ गए तो क्या कर लोंगे तुम?
कालीचरण महाराज ने कहा कि ओवैसी ने धोंस दी थी कि तुम केवल 15 मिनट के लिए पुलिस को हटाओ, सभी हिंदुओं को काट डालेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई संत कह दे कि तैयार रहो, कभी भी आक्रमण हो सकता है तो कहते हैं कि संतो ने भड़काऊ भाषण दे दिया। अल्पसंख्यक आप हो, मुसलमान अल्पसंख्यक नहीं है। जब इस्लाम की बात आती है तो सभी मुसलमान एक हो जाते हैं। लेकिन, इतने अत्याचार हो रहे हैं। जिंदा गाय पर गर्म खोलता हुआ पानी डाला जाता है। कत्ल खानों में एक लाख गोवंश भारत में काटा जाता है, क्योंकि 2014 से पहले की सरकारों ने 12-12 हजार रुपये की सब्सिडी कत्लखानों को दी थी।
धर्म विशेष के लोगों की भावनाओं को आहत करने का आरोप
दरअसल, गांधी पार्क इलाके के अचलताल रामलीला मैदान में सनातन हिन्दू सेवा संस्थान परिवार की तरफ से रविवार को सनातन संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सनातन धर्म प्रचारक कालीचरण महाराज, यति नरसिंहानंद गिरी, अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडे और अन्नर्पूणा भारती समेत कई बड़े संत शामिल हुए। धर्म संसद कार्यक्रम में एक धर्म विशेष के लोगों की भावनाओं को आहत किया गया। जिसका अलीगढ़ जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए आयोजक अशोक कुमार को शो कॉज नोटिस जारी किया है। जिला प्रशासन की तरफ से एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन से अचल ताल रामलीला मैदान में कार्यक्रम की अनुमति सुंदर पाठ, संतों सम्मान व भंडारे के लिए ली गई थी। जबकि थाना गांधी पार्क इंस्पेक्टर के द्वारा प्रशासन को उपलब्ध कराई गई आख्या से स्पष्ट होता है कि आयोजकों के द्वारा इसका उल्लंघन किया गया है।
नोटिस जारी करते हुए इन विषयों पर मांगा जवाब
जिला प्रशासन ने नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया है। नोटिस में कहा गया है कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग के लिए अनुमति नहीं थी, लेकिन आयोजकों ने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया। अलीगढ़ में धारा 144 लागू, लेकिन कार्यक्रम में भीड़ जुटाई गई। साथ ही संतों की धर्म संसद में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन किया गया। इतना ही नहीं एक धर्म विशेष की भावनाओं को भड़काने वाले भाषण दिए गए। कार्यक्रम पूरी शर्तों के विपरीत किया गया।
Published on:
3 May 2022, 11:57 AM IST
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