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पत्थलगढ़ी के खिलाफ सर्व सनातन आदिवासी समाज ने निकाली 110 किमी लंबी सद्भावना यात्रा

सरगुजा जिले के बतौली के देवगुड़ी में पूजा-अर्चना करने के बाद समाज द्वारा शुरु की गई यात्रा, सीतापुर में पहुंचकर होगी समाप्त
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 13 May 2018, 9:31 PM IST

Worship

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00 सरगुजा जिले के बतौली के देवगुड़ी में पूजा-अर्चना करने के बाद समाज द्वारा शुरु की गई यात्रा, सीतापुर में पहुंचकर होगी समाप्त
अंबिकापुर. जशपुर जिले से पत्थरगढ़ी आज की स्थिति में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में फैल गया है। इसके समर्थन में जहां आदिवासी समाज खड़ा है वहीं सर्व सनातन आदिवासी समाज द्वारा सरगुजा में पत्थरगढ़ी के विरोध में रविवार को सरगुज जिले के बतौली से सद्भावना यात्रा की शुरूआत की गई। बतौली देवगुढ़ी में पूजा-अर्चना करने के बाद यात्रा की शुरूआत आदिवासी समाज द्वारा की गई। 110 किमी यात्रा पूरी करने के बाद यह सीतापुर में पहुंचकर संपन्न होगी।


जशपुर जिले से पत्थरगढ़ी का विवाद शुरू होने के बाद जगह-जगह इसे लेकर सर्वआदिवासी समाज द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके खिलाफ अब सर्व सनातन आदिवासी समाज खड़ा हो गया है। रविवार को बतौली के देवगुढ़ी में सर्व सनातन आदिवासी समाज के नेता दिवान बंशीधर के नेतृत्व में काफी संख्या में समाज के लोगों ने पूजा अर्चना कर 110 किमी लंबी सद्भावना यात्रा की शुरूआत की।

यात्रा के दौरान सनातन आदिवासी समाज के नेता दिवान बंशीधर ने कहा कि पत्थरगढ़ी का आदिवासी समाज का समर्थन प्राप्त नहीं है। कुछ लोगों द्वारा अपने स्वार्थ पूर्ति हेतु पत्थरगढ़ी आंदोलन की शुरूआत कर समाज के लोगोंं के बीच भ्रम पैदा कर रहे हैं। पत्थरगढ़ आंदोलन की बात कर कुछ संस्थाओं द्वारा धर्मातंरण करने का षडय़ंत्र रचा जा रहा है।

इसका सनातन आदिवासी समाज विरोध करता है। इस दौरान राजा राम भगत, देवनाथ सिंह कुजांम, विन्द्रश्वरी पैकरा, प्रबोध मिंज सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


सीतापुर के मंगरैलगढ़ में होगा समापन
सनातन आदिवासी समाज द्वारा बतौली से सद्भावना यात्रा की शुरूआत रविवार को की गई। यह यात्रा 110 किमी लंबी है। इस दौरान सद्भावना यात्रा में शामिल समाज के लोगों द्वारा ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें पत्थरगढ़ी के नुकसान की जानकारी देंगे। 15 मई को सीतापुर के ग्राम मंगरैलगढ़ में सद्भावना यात्रा का समापन किया जाएगा।

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