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Ward delimitation: वार्ड परिसीमन के प्रारंभिक प्रकाशन के बाद मचा बवाल, कांग्रेसी बोले- सत्ता पक्ष के दबाव में की गई मनमानी

ward delimitation: इस वर्ष के अंत में नगर निगम का होना है चुनाव, इससे पूर्व वार्डों का परिसीमन का किया गया है प्रारंभिक प्रकाशन, परिसीमन के बाद निगम की कुर्सी पर काबिज कांग्रेस पदाधिकारियों ने लगाया मनमानी का आरोप
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 10 Jul 2024, 7:04 PM IST

Wards delimitation

अंबिकापुर. ward delimitation: इस साल के अंत में नगरीय निकाय चुनाव होने वाला है। ऐसे में वार्डों के परिसीमन का प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया गया है। इसके बाद से बवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल नगर निगम में कांगे्रस का कब्जा है। परिसीमन के बाद बुधवार को कांग्रेस भवन में प्रेसवार्ता कर अंबिकापुर महापौर अजय तिर्की, सभापति अजय अग्रवाल, एमआईसी सदस्य शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा ने सत्ता पक्ष के दबाव में मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिनियम का मजाक उड़ाया जा रहा है। परिसीमन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच कांग्रेस के नेताओं ने एक स्वर में अंबिकापुर नगर निगम सहित प्रदेश के कई निकायों में हुए परिसीमन को राजनैतिक आधार पर होने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध करने की घोषणा की है।


इसी वर्ष के अंत में नगरीय निकाय चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए राज्य शासन के निर्देश पर निकायों के परिसीमन की प्रक्रिया की जा रही है। अंबिकापुर सहित अन्य निकायों का परिसीमन करते हुए लोगों से उसपर आपत्ति व सुझाव 15 जुलाई तक मांगे गए हैं। कल हुए प्रकाशन के बाद कांग्रेस ने इसपर आपत्ति जतानी प्रारंभ कर दी थी।

बुधवार को इस मुद्दे पर अंबिकापुर के महापौर अजय तिर्की, सभापति अजय अग्रवाल, एमआईसी सदस्य शफी अहमद, द्वितेन्द्र मिश्रा सहित जेपी श्रीवास्तव, हेमंत सिन्हा, जीवन यादव ने प्रेस वार्ता में अंबिकापुर निगम के नए परिसीमन को बिना किसी जांच या सर्वे के करने तथा एक राजनैतिक दल को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से करने का आरोप लगाया।

सभापति अजय अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाकर किए गए परिसीमन में नियम कानूनों का मजाक उड़ाया गया है तथा अधिनियम की शर्तों का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि नियमानुसार किसी वार्ड की जनसंख्या को औसत से 10 प्रतिशत तक ही कम या ज्यादा किया जा सकता है परन्तु कई वार्डों में इसका स्पष्ट उल्लंघन किया गया है।

बिना किसी सर्वे या जांच पड़ताल के कार्यालयों में बैठकर परिसीमन कर दिया गया। उन्होंने कई वार्डों का उदाहरण देते हुए वार्डों की सीमाओं को अप्रासंगिक तरीके से निर्धारित करने का भी आरोप लगाया।

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‘नियम कानून का खुला दुरूपयोग’

एमआईसी सदस्य शफी अहमद ने परिसीमन को नियम कानून का खुला दुरूपयोग बताया और इसे सीधे भाजपा को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किए जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने परिसीमन के लिए शासन-प्रशासन द्वारा अधिकारियों-कर्मचारियों पर अनैतिक दबाव बनाने का भी आरोप लगाया तथा भाजपा द्वारा वर्ष 2019 के परिसीमन को गलत बताने के सवाल पर भाजपा को आरोपों को प्रमाणित करने की चुनौती दी।

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‘सडक़ पर उतरकर किया जाएगा आंदालेन’

भाजपा द्वारा कांग्रेस पर चुनाव से डरने का आरोप लगाने पर सभापति अजय अग्रवाल ने साफ किया कि हम चुनाव से नहीं डर रहे हैं और परिसीमन जैसा भी होगा, हम चुनाव में पूरी ताकत से लडेंगे। इतना गलत भी नहीं होने देंगे।

अजय अग्रवाल ने कहा कि इस परिसीमन के विरोध में कांग्रेस द्वारा जन आंदोलन सडक़ पर उतरकर किया जाएगा तथा अपनी बात सभी स्तरों पर रखने के बाद न्यायालय की शरण में भी आवश्यकता होने पर जाएंगे।

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