7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अमरीका को बड़ा झटका, नॉर्थ कोरिया का मुकाबला करने को तैयार बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट हुआ फेल

नॉर्थ कोरिया जहां एक के बाद एक मिसाइलों के सफल परीक्षण करता जा रहा है, ऐसे में अमरीका की यह बड़ी विफलता मानी जा रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 1 Feb 2018, 8:01 PM IST

America's ballistic Missile

नई दिल्ली। अमरीकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम बुधवार को बड़ा झटका लगा है। यह झटका अमरीका को उस बैलिस्टिक मिसाइल के असफल परीक्षण के रूप में लगा है, जिसको US मिलिट्री ने नॉर्थ कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के लिए टेस्ट किया था। यूएस डिफेंस स्पोक्सपर्सन के अनुसार मिसाइल का परीक्षण डिफेंस एजेंसी और यूएस नैवी का एइगिस एशोर मिसाइल डिफेंस टेस्ट कॉम्पलेंक्स (AAMDTC) ने संयुक्त रूप से किया था, लेकिन यह असफल रहा। बता दें कि इससे पहले भी अमरीका ने जून 2017 SM-3 एंटीबैलिस्टिक इंटरसेप्टर मिसाइल का परीक्षण किया था, लेकिन वह भी असफल रहा था।

2.2 अरब डॉलर आया था खर्च

डिफेंस स्पोक्सपर्सन ने कहा कि एसएम-3 ब्लॉक आईआईए मिसाइल का परीक्षण किया गया था। इस मिसाइल का निर्माण हथियारों के विशाल रेथियॉन से किया गया था। इसका मकसद मध्यवर्ती सीमा वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करना था। हालांकि डिफेंस आॅफिसर ने यह भी कहा कि मिसाइल टेस्ट फेल होने के कारणों की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार इस मिसाइल के निर्माण लगभग 2.2 अरब डॉलर का खर्च आया था। इसमें एक अरब डॉलर जापान की ओर से खर्च किए थे। वहीं दूसरी ओर नॉर्थ कोरिया जहां एक के बाद एक मिसाइलों के सफल परीक्षण करता जा रहा है, ऐसे में अमरीका की यह बड़ी विफलता मानी जा रही है। बता दें कि कोरियाई प्रायद्वीप में पैदा हुए तनाव के बाद जापान अमरीका से एक ऐसी मिसाइल को खरीदना चाहता है, जो नॉर्थ कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइल का मुकाबला कर सके। इस मिसाइल को जमीन और जहाज दोनों पर लगाया जा सकता है।

क्या है अमरीका-नॉर्थ कोरिया विवाद

बता दें कि अमरीका और नॉर्थ कोरिया के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है। जिसका सबसे बड़ा कारण नॉर्थ कोरिया की ओर से किए गए छह परमाणु परीक्षण और अमरीका को दी जा रही लगातार युद्ध की धमकी है। प्योंगयांग ने ऐसी मिसाइलों को परीक्षण किया है, जिनकी मारक क्षमता अमरीका के कई बड़े शहरों तक है। इसके साथ ही प्योंगयांग के नेता किम जोंग उन ने गुआम प्रायद्वीप को उड़ाने की धमकी दी है। यह प्रायद्वीप अमरीका की टैरेट्री है, जिस पर अमरीका के कई सन्य बेस और 10 हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं। यही नहीं यहां लाखों की संख्या में अमरीकी नागरिक भी रहते हैं। गुआम नॉर्थकोरिया की सीधी एप्रोच में होने के कारण अमरीका आक्रमक मोड़ में आ गया था, जिसके चलते अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएन महासभा के सम्मेलन के दौरान नॉर्थ कोरिया में बमबारी की चेतावनी दी थी। यही नहीं इसके साथ ही अमरीका और संयुक्त राष्ट्र के कहने पर चीन समेत कई देशों ने नॉर्थ कोरिया पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दी दिए थे। जिसको देखते हुए दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाएं प्रबल हो गई थी।