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1,300 बच्चों से यौन दुराचार को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, भगवान से बढ़कर माने जाने वाले पर उठी उंगली

ये चौंकाने वाला खुलासा कनाडा के बाल सुरक्षा केंद्र (सीसीसीपी) की एक रिपोर्ट में हुआ है।
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Shweta Singh

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Updated: 15 Jun 2018, 1:47 PM IST

Canada child security center reveals about 1300 case of child abuse

1,300 बच्चों से यौन दुराचार को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, भगवान से बढ़कर माने जाने वाले पर उठी उंगली

ओटावा। कनाडा में पिछले 20 वर्षों में बच्चों के साथ हुए यौन-शोषण के मामलों में अधिकांश दोषी स्कूल के टीचर या अन्य कर्मचारी हैं। ये चौंकाने वाला खुलासा कनाडा के बाल सुरक्षा केंद्र (सीसीसीपी) की एक रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक बीते 20 सालों में स्कूलों के 700 से अधिक कर्मचारी लगभग 1,300 बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार के दोषी पाए गए हैं या उन पर इस तरह के आरोप लगे हैं।

रिपोर्ट में और भी कई चौंकाने वाले तथ्य

एक समाचार एजेंसी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीसीपी की इस में रिपोर्ट देश में अबतक बच्चों के साथ हुए यौन उत्पीड़न के बारे में हैं। रिपोर्ट में और भी कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। इसमें कहा गया कि बच्चों के साथ हुए अत्याचार के कुल मामलों में 750 मामलों की पहचान यौन अपराध (या कथित यौन अपराधों) के रूप हुई है। 1997 से 2017 के बीच 1,272 बच्चों के साथ ऐसा होने का खुलासा हुआ है।

अपराधियों में 86 प्रतिशत प्रमाणित शिक्षक

रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक ये अपराध पूरे कनाडा में किंडरगार्टन से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों हुए हैं, जिसमें 714 कर्मचारियों या पूर्व कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आई है। अपराधियों में 86 प्रतिशत प्रमाणित शिक्षक हैं जबकि अपराध के आरोप में शामिल स्कूल के अन्य कर्मचारियों में शैक्षणिक सहायक, छात्र शिक्षक, दोपहर के भोजन के मॉनीटर, स्वयंसेवक, सचिव, संरक्षक और स्कूल बस चालक भी शामिल हैं।

दो-तिहाई से ज्यादा पीड़ित हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं

अध्ययन के मुताबिक, इन अपराधों को अंजाम देने वाले 87 फीसदी पुरुष हैं, जबकि इसका शिकार 75 फीसदी लड़कियां बनी हैं। इसका शिकार 55 फीसदी बच्चे स्कूल प्रॉपर्टी (फील्ड ट्रिप लोकेशन और स्कूल बसों) में बने हैं, जबकि 29 फीसदी बच्चे अपराधियों के कार या घरों में यौन उत्पीड़न का शिकार हुए हैं। दो-तिहाई से ज्यादा पीड़ित हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं हैं, जबकि अध्ययन में पहचाने गए 73 फीसदी अपराधियों पर कम से कम एक अपराध करने का आरोप जरूर लगा है।