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पद्मावत विवाद में आया नया मोड़, जायसी के लोगों ने की कमाई में हिस्सेदारी की मांग

अमेठी में लोगों की मांग है कि फिल्म पद्मावत से जो भी कमाई होगी उसकी हिस्सेदारी में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए।
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अमेठी

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 23 Jan 2018, 2:44 PM IST

padmavat

अमेठी. देशभर में 25 जनवरी को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावत को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा। रिलीज के दिन करीब हैं, लेकिन राजपूत करणी सेना की इस फिल्म को लेकर नाराजगी कम होने का नाम ही नहीं ले रही। अभी तक फिल्म को लेकर विरोध ही किया जा रहा था लेकिन अब इससे एक और मामला जुड़ गया है। ये मामला है कमाई के लाभ में हिस्सेदारी की मांग का। दरअसल, अमेठी में लोगों की मांग है कि फिल्म से जो भी कमाई होगी उसकी हिस्सेदारी में उन्हें शामिल किया जाना चाहिए।

कमाई में हिस्सेदारी की मांग

अमेठी में लोगों की मांग है कि फिल्म से होने वाली कमाई में उनकी भी हिस्सेदारी हो। ऐसा इसलिए ताकि वहां रिसर्च इंस्टिट्यूट का निर्माण कार्य किया जा सके। इसके साथ ही मोहम्मद जायसी के जन्मस्थान का भी निर्माण कार्य हो सके।

अमेठी में नगरपालिका चेयरपर्सन ने एक कार्यक्रम में कहा कि जायसी की किताब से भंसाली की फिल्म कमाई करेगी, तो इस कारण रचयिता का पद्मावत से होने वाली कमाई पर पूरा अधिकार है। अमेठी के लोगों ने फिल्म का स्वागत भी किय़ा है।

रॉयल्टी की भी हुई थी मांग

मलिक मोहम्मद जयसी फाउंडेशन की अध्यक्ष, शकील जयसी ने कहा कि अगर पद्मावती पर एक फिल्म बनाई जा रही है, तो रॉयल्टी जायस के निवासियों का अधिकार है अगर इस बात को नकारा गया, तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है।

रानी पद्मावती पर लिखी गयी मोहम्मद जायसी की कविता

पदमावति पुनि पहिरि पटोरी । चली साथ पिउ के होइ जोरी ॥
सूरुज छपा, रैनि होइ गई । पूनो-ससि सो अमावस भई ॥
छोरे केस, मोति लर छूटीं । जानहुँ रैनि नखत सब टूटीं ॥
सेंदुर परा जो सीस अघारा । आगि लागि चह जग अँधियारा ॥
यही दिवस हौं चाहति, नाहा । चलौं साथ, पिउ ! देइ गलबाहाँ ॥
सारस पंखि न जियै निनारे । हौं तुम्ह बिनु का जिऔं, पियारे ॥
नेवछावरि कै तन छहरावौं । छार होउँ सँग, बहुरि न आवौं ॥

बयान से पलटे राजपूत करणी सेना अध्यक्ष

राजपूत करणी सेना अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ने लखनऊ में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। उन्होंने इस मुलाकात में कहा था कि भंसाली ने उन्हें पत्र भेजा था, जिसमें फिल्म देखने की मांग की गयी थी। वो फिल्म देखने के लिए तैयार भी थे, लेकिन वैसी ही फिल्म देखना चाहते हैं, जैसी रिलीज होगी। कोई काट छाट वाला प्रिंट नहीं होना चाहिए। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि भंसाली ने उन्हें फिल्म देखने की तारीख नहीं बताई है।

लोकेंद्र सिंह कालवी अब अपने बयान से पलटते नजर आ रहे हैं। पहले फिल्म देखने के लिए हां करने वाले लेकेंद्र अब पद्मावत देखने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह फिल्म नहीं देखेंगे और फिल्म का विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने फिल्म देखने वाली कमिटी से पद्मवात पर बैन लगाने की बात कही थी। सेंसर बोर्ड को जनभावनाों का सम्मान करना चाहिए।