
Sunny Deol On Dharmendra Film Ikkis Release: धर्मेंद्र के निधन को 1 महीने से ज्यादा हो चुका है। घर के मुखिया का जाना बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में पूरा देओल परिवार दुख में हैं। नए साल पर जहां लोग खुशिया मनाते हैं, वहीं देओल परिवार में गम के बादल छाए हुए हैं। सनी देओल और बॉबी देओल ने इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। जिसे पढ़कर हर कोई उदास हो गया है।
बॉलीवुड के 'हीमैन' कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' आज, 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। धर्मेंद्र इस फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित थे और इसे अपनी बेहतरीन फिल्मों में से एक मानते थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। ऐसे में फिल्म की रिलीज से कुछ समय पहले ही वह इस दुनिया को अलविदा कह गए।
अपने पिता की आखिरी फिल्म के रिलीज के मौके पर उनके बेटों, सनी देओल और बॉबी देओल ने सोशल मीडिया पर ही एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया है। दोनों भाइयों ने धर्मेंद्र की एक तस्वीर के साथ लिखा, "हमारे पापा, जो मिट्टी से बने हैं, 'इक्कीस' उनकी तरफ से एक सैल्यूट है।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह फिल्म इस धरती और उनके उन फैंस के लिए एक तोहफा है, जो हमेशा उनके साथ खड़े रहे। हमारे परिवार के लिए यह एक अनमोल धरोहर है, जो उनकी आत्मा, उनके साहस और उनके दिल की धड़कनों से भरी है। आज भारी मन लेकिन गर्व के साथ हम इसे देश के साथ शेयर कर रहे हैं। उम्मीद है कि उनकी यादें इस फिल्म के जरिए हमेशा जिंदा रहेंगी।"
इस पोस्ट के लोगों का कहना है कि बाद पूरे देश के अलावा उनके बेटे सनी और बॉबी को भी हर दिन हर पल पिता की याद सता रही है। वह उनकी नई फिल्म पर खुश भी हो रहे हैं, लेकिन एक टीस दिल में हमेशा रहेगी की अब वह हमारे बीच नहीं रहे।
श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित यह फिल्म परमवीर चक्र विजेता सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की बहादुरी पर आधारित है। फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने अरुण खेत्रपाल का मुख्य किरदार निभाया है, जबकि धर्मेंद्र ने उनके पिता का दमदार रोल अदा किया है। यह फिल्म पहले 25 दिसंबर 2025 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी तारीख बदलकर 1 जनवरी 2026 कर दी गई थी। इस फिल्म से अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया ने अपना फिल्मी सफर शुरू किया है।
धर्मेंद्र की कमी को फिल्म इंडस्ट्री हमेशा महसूस करेगी, लेकिन 'इक्कीस' के रूप में उन्होंने अपने फैंस के लिए एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।