मुंबई

मुंबई में पुनर्विकास परियोजना से लोगों का उठा भरोसा, इसलिए ट्रांजिट कैम्पों में नहीं जाना चाहते रहिवासी

बीडीडी चॉल ( BDD Chawl ) पुनर्विकास परियोजना ( Redevelopment project ) के रहिवासी ( Resident ) भ्रमित, समिति ( Committee ) ने ट्रांजिट कैम्पों ( Transit Camps ) में न भेजे जाने की मांग की, वर्षों से नहीं शुरू हो सकी विकास योजना ( Development Plan ), जोरों पर पुनर्विकास का विरोध करने वालों की चर्चा

2 min read
Nov 07, 2019
मुंबई में पुनर्विकास परियोजना से लोगों का उठा भरोसा, ट्रांजिट कैम्पों में जाने से इंकार कर रहे रहिवासी

- रोहित के. तिवारी
मुंबई. एनएम जोशी रोड पर बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना शुरू नहीं होने से रहिवासी भ्रमित हैं। इस पर एनएम जोशी रोड बीडीडी चॉल पुनर्विकास समिति ने कहा है कि अगर इस पुनर्विकास परियोजना को फिर से शुरू नहीं किया गया है तो उन्हें ट्रांजिट कैम्पों में भेजने का काम न किया जाए। समिति की ओर से म्हाडा मुंबई बोर्ड के अध्यक्ष को एक पत्र भेजा गया है। हकीकत में पिछले दो वर्षों से एनएम जोशी मार्ग बीडीडी चाली परियोजना का वास्तविक काम तक शुरू नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर पुनर्विकास का विरोध करने वालों की मांग पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुनर्विकास का विरोध करने वालों ने म्हाडा के साथ अभी तक ट्रांजिट कैम्प के समझौते की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की है।

लोगों का न हो ट्रांजिट कैम्पों में स्थानांतरण...
विदित हो कि इस तरह से इस विकास योजना के काम में देरी हो रही है, जबकि म्हाडा की ओर से ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसलिए निवासियों को भ्रम में छोड़ दिया गया है कि क्या उन्हें म्हाडा पर भरोसा करना चाहिए या उनका यह कहते हुए विरोध करना चाहिए कि उनका पुनर्विकास ही नहीं होगा। साथ ही कई रहिवासियों का यब भी कहना है कि ऐसे कई लोग धोखा खा चुके हैं, जो म्हाडा पर विश्वास करके संक्रमण शिविर में चले गए हैं। इसलिए यदि म्हाडा परियोजना को शुरू नहीं करना चाहती है, तो स्थानीय निवासियों के स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को रोक दिया जाना चाहिए। यह मांग एमएन जोशी मार्ग बीडीडी चॉल पुनर्विकास समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत नलगे ने म्हाडा से की है।

MHADA सर्वेक्षण कार्य में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई

प्रभावित न हों निवासी...
उल्लेखनीय है कि एमएन जोशी मार्ग और परेल के बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के पहले चरण में म्हाडा ने पत्र लोगों को नवंबर में प्रस्तावित नए भवन के घरों को निवासियों के लिए जारी करने वाला है। वहीं मौजूदा समय में म्हाडा ने 146 पात्र घरों के लिए निवासियों संगअनुबंध करके उन्हें ट्रांजिट शिविर में भेजा है। वहीं म्हाडा अधिकारियों में कहना है कि अगर किन्हीं कारणों से विकास कार्य नहीं हो पा रहा है तो निवासियों को प्रभावित नहीं होना चाहिए। एमएन जोशी मार्ग और परेल के बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना में अर्हता प्राप्त करके ट्रांजिट निवासियों के बीच विश्वास पैदा करने के लिए अनुबंध करने के विकल्प को भी म्हाडा ने स्वीकार कर लिया है।

कम्प्यूटरीकृत निकासी का तरीका...
सरकार ने अनुबंध के औपचारिक पंजीकरण और कम्प्यूटरीकृत निकासी के तरीके को अपनाया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि परियोजना से ट्रांजिट कैम्प में पलायन करने वाले पात्र निवासियों को 31 अक्टूबर तक प्रस्तावित नए भवन तक पहुंचाया जा सके।- बी. राधाकृष्णन, सीओ, म्हाडा

Published on:
07 Nov 2019 09:56 am
Also Read
View All