मुंबई

MHADA में अपने ही Boss के साथ अधिकारी ने किया ये गलत काम, ‘मास्टर लिस्ट’ में एक्स्ट्रा चढ़ाए पांच नाम ?

छुट्टी पर ( On Leave ) भेजे गए भवन और सुधार बोर्ड के सह मुख्य अधिकारी ( Associate Chief Officer ), म्हाडा अधिकारी ( MHADA Officer ) ने की 'मास्टर लिस्ट' ( Master List ) में अनधिकृत ( Unauthorized ) रूप से पांच नामों (Five Names ) को शामिल करने की हिमाकत, ट्रांजिट कैम्पों ( Transit Camps ) में रहने वाले 95 रहिवासियों ( 95 Residents ) को घर देने का लिया गया था फैसला, म्हाडा उपाध्यक्ष ( MHADA Vice President ) ने अविलंब जांच के दिए आदेश

3 min read
Dec 08, 2019
MHADA में अपने ही Boss के साथ अधिकारी ने किया ये गलत काम, 'मास्टर लिस्ट' में एक्स्ट्रा चढ़ाए पांच नाम ?

रोहित के. तिवारी
मुंबई. भवन और सुधार बोर्ड के सहमुख्य अधिकारी अविनाश गोटे को अंततः अंतिम छुट्टी पर भेज दिया गया है और 'मास्टर लिस्ट' में अनधिकृत रूप से पांच नामों को शामिल किए जाने को लेकर म्हाडा उपाध्यक्ष मिलिंद म्हैसकर ने अविलंब जांच के आदेश दिये हैं। म्हैसकर के आदेश पर फेर-बदल कर पांच नामों को शामिल करने की हिम्मत दिखाने वाले गोटे के इस मामले की जांच का जिम्मा इस विभाग के मुख्य अधिकारी सतीश लोखंडे को सौंपा गया है, जो जल्द ही म्हाडा उपाध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपने वाले हैं। मुंबई भवन और सुधार बोर्ड की ओर से कई सालों से ट्रांजिट कैम्पों में रहने वाले 95 रहिवासियों को उनके हक के घर देने का फैसला किया गया था। जबकि म्हाडा के अधिकारियों और दलालों के भ्रष्ट गठजोड़ के बीच पुरानी इमारत के कई निवासी आशा की किरण देख रहे थे।

म्हैसकर ने सभी पांच मामलों को किया खारिज...
विदित ही कि इन निवासियों की 'मास्टर सूची' को अपडेट किया गया और साइट पर डाल दिया गया। वहीं पता चला कि 95 की जगह 100 नाम कैसे शामिल हुए। इस घोटाले पर मुख्य अधिकारी लोखंडे ने संज्ञान लिया तो आगे की पूछताछ में पता चला कि सूची में मुख्य अधिकारी अविनाश गोटे की ओर पांच और नाम जोड़े गए हैं। इसके चलते म्हाडा के उपाध्यक्ष के आदेश में फेर-बदल की गई, जिस पर म्हैसकर ने सभी पांच मामलों को खारिज कर दिया।

गोटे ने मामले पर लिखी थी टिप्पणी...
उल्लेखनीय है कि म्हाडा उपाध्यक्ष ने 'मास्टर लिस्ट' के 95 निवासियों के लिए घरों के नामांकन को मंजूरी दी। इसके बाद मुख्य अधिकारी, अविनाश गोटे ने 'भूमि के कम क्षेत्र वाले पांच मामलों' पर एक टिप्पणी लिखी। इस मामले में बिक्री के समय वितरण पत्र भी जारी किए गए थे। प्रत्येक निवासी को 300 वर्ग फुट का घर दिया जाता है। यदि कम भूमि क्षेत्र है तो उसे मुआवजे के रूप में एक और घर दिया जाता है और अतिरिक्त क्षेत्र को बाजार मूल्य के रूप में लिया जाता है। इस मामले में गोटे ने कम जमीन का भुगतान करने के नाम पर अतिरिक्त क्षेत्र मुफ्त देने की कोशिश की, जिसमें पांच लोग शामिल थे। इस तरह से गोटे ने कलावती कुडक्याल, कैसर सय्यद, लक्ष्मीबाई वेमूल, हिराबाई कदम, प्रकाश शिंदे आणि सुधीर साठे को लाभ पहुंचाने की कोशिश की।

रिपोर्ट के बाद कार्रवाई...
पुराने निवासियों की मास्टर सूची में पांच नामों के अनधिकृत रूप से जोड़ने की विस्तृत जांच करने का आदेश दिया गया है। वहीं अब सतीश लोखंडे की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मुख्य अधिकारी गोटे को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

- मिलिंद म्हैसकर, उपाध्यक्ष, म्हाडा

MHADA DA के निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत, लिया गया ये बड़ा निर्णय ?

Published on:
08 Dec 2019 03:17 pm
Also Read
View All