मुंबई

Maha Election: बांद्रा पश्चिम विधानसभा में कांटे की टक्कर

बांद्रा पश्चिम विधानसभा ( Bandra West Assembly ) में कांटे की टक्कर, सिटिंग विधायक ( Sitting Legislator ) और विरोधियों ( Opponents ) में कड़ा मुकाबला, 2014 में 46 हजार 834 लोगों ने डाले थे वोट, भाजपा ( BJP ) के खाते में गई थी सीट
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Oct 18, 2019
Maha Election: बांद्रा पश्चिम विधानसभा में कांटे की टक्कर
Maha Election: बांद्रा पश्चिम विधानसभा में कांटे की टक्कर

रोहित के. तिवारी
मुंबई. महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव में महज कुछ दिन ही बाकी हैं। सभी पार्टियां युद्ध स्तर पर चुनाव का प्रचार कर रही हैं। उत्तर मध्य मुंबई के बांद्रा पश्चिम विधानसभा की बात करें तो यहां महायुति के भाजपा उम्मीदवार के सामने कोई विशेष प्रतिद्वंद्विता नजर नहीं आ रही है। 2014 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 2,86,621 वोटर्स थे, जिसमें से 51 प्रतिशत यानी एक लाख 46 हजार 834 लोगों ने वोट डाला था। 2009 में इस सीट से कांग्रेस जीती थी, मगर 2014 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने कब्जा कर लिया।

कई प्रत्याशी आजमा रहे किस्मत...
विधानसभा 177 की इस सीट पर कई प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें महायुती के भाजपा के सीट से शिक्षा मंत्री मौजूदा विधायक आशीष बाबाजी शेलार हैं तो वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आसिफ अहमद जकरिया को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है, जबकि वंचित बहुजन अघाड़ी ने इस्तियाक बसीर जागीरदार को उम्मीदवार बनाया है।

सीट का चुनावी इतिहास...
बांद्रा पाश्चिम का इस सीट पर 2009 में कांग्रेस बाबा सिद्दकी ने 59 हजार 659 मत पाकर पहले स्थान तथा आशीष शेलार 57968 मत पाकर दूसरे स्थान पर थे। जबकि सिद्दकी ने शेलार को 1 हजार 691 मतों से पराजय किया था। तो वहीं 2014 के विधानसभा चुनाव में आशीष शेलार को 74 हजार 779 वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी बाबा सिद्दीकी के पाले में 47 हजार 868 वोट आये थे। वहीं दूसरी ओर आशीष ने 26 हजार 911 मतों से पराजय कर अपना बदला ले लिया। इस प्रकार जहां 2009 में आशीष शेलार कांग्रेस के बाबा सिद्दीकी से हारे, वहीं 2014 में उन्होंने बाबा सिद्दीकी से हार का हिसाब चुकता कर लिया।

मुख्य परेशानियां...
यह रिहायशी इलाका है और यहां पर जहां एक तरफ बड़े-बड़े फिल्मी स्टार, नेता, राजनेता रहते हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसी मुस्लिम आबादी है। जहां पर विकास का अभाव साफ-साफ नजर आता है। बात करें इस क्षेत्र में ट्रैफिक की तो समस्या लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है। उसके बाद यहां पर स्लम एरिया में शौचालय बड़ा प्रॉब्लम है। आगामी चुनाव में नेता चुन के आने के बाद इस क्षेत्र का विकास किस प्रकार करते हैं। यह तो समय ही बताएगा।

Updated on:
18 Oct 2019 06:32 pm
Published on:
18 Oct 2019 12:32 pm