रतलाम

हो गया निर्णय, इस दिन से चलेगी ट्रेन, यह रहेगा तरीका

देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के बाद 22 मार्च से सभी यात्री ट्रेन पैसेंजर के लिए बंद है। रेलवे ने अब ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत कुछ सख्त नियम बनाए गए है। इनके पालन करने के बाद ही यात्री अपनी सीट तक पहुंच पाएगा। पहली बार रेलवे ट्रेन चलाने के लिए टाइम टेबल को नहीं बदल रहा है।

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Apr 25, 2020
हो गया निर्णय, इस दिन से चलेगी ट्रेन, यह रहेगा तरीका

रतलाम. देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के बाद 22 मार्च से सभी यात्री ट्रेन पैसेंजर के लिए बंद है। रेलवे ने अब ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत कुछ सख्त नियम बनाए गए है। इनके पालन करने के बाद ही यात्री अपनी सीट तक पहुंच पाएगा। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार आईआरसीटीसी इसके लिए तैयारी कर रहा है। पहली बार रेलवे ट्रेन चलाने के लिए टाइम टेबल को नहीं बदल रहा है।

बता दे कि देशभर में जब से कोरोना वायरस का प्रभाव हुआ है, तब से भारतीय रेलवे ने अपनी सभी यात्री ट्रेन को चलाना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, रेलवे ने पहले 14 अप्रैल तक लॉकडाउन पार्ट वन के बाद 15 अप्रैल से यात्री टे्रन को चलाने की तैयारी शुरू की व आईआरसीटीसी ने ऑनलाइन रिजर्वेशन की शुरुआत की, लेकिन रेलवे ने ट्रेन को लॉकडाउन आगे बढऩे के बाद ट्रेन चलाने के बजाए जो रिजर्वेशन किए थे, उनको निरस्त करते हुए करोड़ों रुपए का रिफंड किया। इतना ही नहीं, अब नए रिजर्वेशन पर भी फिलहाल चुप्पी साध रखी है, लेकिन आईआरसीटीसी ने ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है।

सख्त नियम के साथ चलेगी भारतीय रेल

आईआरसीटीसी व रेलवे के अधिकारी फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से साफ बचते नजर आ रहे है, लेकिन नाम नहीं प्रकाशन के आग्रह के साथ कहते है कि हमारी तैयारी ट्रेन चलाने को लेकर शुरू हो गई है। फिलहाल राजधानी, शताब्दी, अगस्त क्रांति राजधानी व दूरंतो स्तर की पैसेंजर ट्रेन को चलाया जाएगा। इन ट्रेन की खासियत यह है कि यह ट्रेन चुनिंदा रेलवे स्टेशन पर ठहराव करती है। इसके अलावा इन ट्रेन के चलने के दौरान पेंट्रीकार को बंद रखा जाएगा। मतलब की यात्रियों को भोजन नहीं दिया जाएगा। लेकिन पेयजल की आपुर्ति मांगने पर की जाएगी। इतना ही नहीं, यात्री को यात्रा के कम से कम दो घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर आना होगा।

इस प्रक्रिया से गुजरना होगा यात्री को

कम से कम दो घंटे पूर्व आकर यात्री को स्वयं की व अपने साथ लाए गए लगेज की स्क्रीनिंग करवाना होगी। इतना ही नहीं, यात्री को छोडऩे के लिए आने वाले यात्री को प्लेटफॉर्म पर प्रवेश नहीं मिलेगा। इसको इस तरह से समझ सकते है कि मुंबई सेंट्रल से नई दिल्ली के लिए चलने वाली राजधानी ट्रेन में अगर कोई यात्री रतलाम रेलवे स्टेशन तक की यात्रा करता है तो पहले यात्री को स्वयं व स्वयं के साथ के लगेज की स्क्रीनिंग करवाना होगी। इसके अलावा जब यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरेगा तो बाहर आने से पहले यात्री को एक बार फिर से अपनी स्क्रीनिंग करवाना होगी। इतना मात्र ही नहीं, यात्री को जो लेने परिवार के सदस्य आएंगे, उनके मुंह पर मास्क व हाथ सैनिटाईजर होना अनिवार्य किया गया है।

यह ट्रेन नहीं चलेगी शुरुआत में

रेलवे के एक आला अधिकारी के अनुसार मुंबई की लोकल सबरवन ट्रेन, दिल्ली की मेट्रो, रतलाम रेल मंडल में चलने वाली डेमू व मेमू स्तर की ट्रेन को फिलहाल चलाने की योजना नहीं है। शुरुआत में रेलवे मात्र उन ट्रेन को चलाएगा जिसमे महंगे दाम के टिकट होते है व यात्री लंबी दूरी की यात्रा करें। जैसे की नई दिल्ली से चलने वाली राजधानी एक्सपे्रस मुंबई सेंट्रल जाने के दौरान मात्र कोटा, रतलाम, बड़ोदरा व सूरत सहित बोरिवली स्टेशन पर ठहराव करती है।

IMAGE CREDIT: patrika

तापमान रहेगा मात्र 25 डिग्री

इतना ही नहीं, रेलवे अपने एसी डिब्बों में तापमान को मैंटेन करके चलेगा। याने की चाहे कितनी ही गर्मी हो ट्रेन के अंदर के डिब्बों का तापमान को मात्र 25 डिग्री ही रखा जाएगा। जब लॉकडाउन लागू नहीं हुआ था, तब भी इस बारे में निर्णय लिया गया था व एसी डिब्बों के तापमान को 25 डिग्री ही किया गया था। अब एक बार फिर से इसी प्रकार के टैंपे्रचर के साथ ट्रेन को चलाया जाने की योजना पर मंथन चल रहा है। रेलवे के अनुसार ट्रेन को नए टाइम टेबल के बजाए पूर्व के ही टाइम टेबल के अनुसार चलाया जाएगा।

1 जुलाई को नहीं बदलेगा टाइम टेबल

बता दे कि भारतीय रेलवे प्रतिवर्ष 1 जुलाई को नया टाइम टेबल लागू करती है। इस बार यह प्रक्र्रिया नहीं होगी। इसकी वजह यह है कि जुलाई में बदले जाने वाले टाइम टेबल के लिए जनवरी - फरवरी माह से मंडल से लेकर पश्चिम रेलवे व रेलवे बोर्ड में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक शुरू हो जाती है, इस बार इस प्रकार की एक भी बैठक अब तक नहीं हुई है। इसलिए इस बार सभी ट्रेन को पूर्व के टाइम टेबल के साथ ही चलाया जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार रेलवे ने 21 जून तक निरस्त की गई सभी ट्रेन का रिफंड देने की बात की है। इसका मतलब साफ है कि अब रेलवे नए टाइम टेबल के बजाए पूर्व के टाइम टेबल के साथ ही १ जुलाई से ट्रेन को चलाएगा।

चल रह वीसी इस समय

बता दे कि बुधवार की शाम को रेलवे मंत्रालय व रेलवे बोर्ड एक बड़ी बैठक वीसी के माध्यम से कर रहा है। इसमे देशभर के मंडल रेल प्रबंधक को शामिल किया गया है। पश्चिम रेलवे के अधिकारी सहित रतलाम रेल मंडल के अधिकारी इसमे शामिल है। इस वीसी में ट्रेन चलाने को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है। इस चर्चा के बाद ही भारतीय रेलवे ट्रेन चलाने को लेकर बड़ा निर्णय ले सकती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री पीयूष गोयल की मंजूरी के बाद ही इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Updated on:
29 Apr 2020 05:50 pm
Published on:
25 Apr 2020 10:48 am
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