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निरंकारी सत्संग में ग्रेनेड विस्फोट मामले में पुलिस कट्टरपंथी संगठनों के युवाओं से पूछताछ में जुटी

सीमा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एसपीएस परमार ने विस्तार से न बताते हुए कहा कि हम युवाओं को विस्फोट के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुला रहे है...
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अमृतसर

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Prateek Saini

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Updated: 20 Nov 2018, 5:43 PM IST

(अमृतसर): पंजाब के अमृतसर शहर के करीबी आदिलीवाल गांव में निरंकारी सत्संग भवन में किए गए ग्रेनेड विस्फोट के मामले में पुलिस कट्टरपंथी संगठनों से जुडे युवाओं से पूछताछ में जुटी हुई है। अमृतसर इलाके में पुलिस ने मंगलवार तडके कई सिख कार्यकर्ताओं के घरों पर छापे डाले।

निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को हुए विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे और 19 अन्य घायल हुए थे। इस घटना की प्रारम्भिक जांच में पुलिस को पता चला है कि विस्फोट की वारदात में स्थानीय युवा लिप्त है। कट्टरपंथी संगठनों के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बगैर ठोस सबूत के कई युवाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

पूछताछ के लिए किया जा रहा तलब

सीमा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एसपीएस परमार ने विस्तार से न बताते हुए कहा कि हम युवाओं को विस्फोट के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुला रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दल खालसा के सदस्य गुरजंट सिंह को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने परमजीत सिंह मंड के घर भी छापा डाला था लेकिन वह भी बाहर पाए गएं। उनके परिवार को कहा गया कि उन्हें तुरन्त मंड थाना भेजा जाए। सिख स्टूडेन्ट्स फेडरेशन से जुडे रणजीत सिंह दमदमी टकसाल ने कहा कि पुलिस उनके घर भी पहुंची थी।

एक ही नजरिए से ना देखे पुलिस

दल खालसा के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह बिट्टू ने विस्फोट में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस धरपकड कर रही है। परमजीत सिंह अकाली को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच करना चाहिए और इसको 1978 के सिख-निरंकारी संघर्ष के नजरिए से ही नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे जिम्मेदारी का परिचय दें और आरोप लगाने से बचें। अभी अस्सी और नब्बे के दशक की पुलिस कार्रवाई दोहराई जा रही है। हमें पुलिस पूछताछ से परेशानी नहीं है लेकिन उनके व्यवहार से परेशानी है। पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है लेकिन यह ठीक नहीं है कि तडके दर्जनों पुलिस कर्मी उनके घरों पर छापा डाल रहे है। वह भी सिर्फ इसलिए कि उनके विचार भिन्न है।