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लाॅकडाउन में भी कम नहीं ‘शरबती’ के नखरे, गोल्डेन ग्रेन की मांग क्यों अचानक बढ़ी

Golden Grain पांच राज्यों में अशोकनगर के शरबती की डिमांड सबसे अधिक मुंबई में बिका 6500 रु. क्विंटल, रोज भेजा जा रहा 80 से 90 ट्रक शरबती
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अशोकनगर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 3 Jun 2020, 4:17 PM IST

Sharbati

अरविंद जैन/नीलमसिंह यादव
अशोकनगर. सुनहरे रंग और खास स्वाद के लिए पहचाने जाने वाले शरबती गेहूं (Sharbati wheat)की अनलॉक-1 में छूट मिलते ही पांच राज्यों में डिमांड बढ़ गई है। गोल्डन ग्रेन (Golden grain)कहलाने वाला जिले का यह गेहूं मुंबई में तो 6500 रुपए क्विंटल तक बिक चुका है। आईटीसी कंपनी चैपाल से तथा राज्य के अन्य जिलों विदिशा और सीहोर के व्यापारी भी इसे खरीदकर ले जा रहे हैं।
सुनहरी चमक, एक समान दाना और स्वाद में मीठापन खासियत है। इसमें ग्लूकोस व सुक्रोस की मात्रा अन्य किस्म से ज्यादा होती है। जिले में किस्म 306 बेस्ट क्वालिटी का शरबती गेहूं होता है।
व्यापारी राकेश जैन अमरोद ने बताया कि इसकी मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, राजस्थान के भीलवाड़ा, जयपुर, उदयपुर और गुजरात के सूरत व दाहोद में सबसे ज्यादा मांग है। जिले की मंडी में 2400 से 3100 रुपए क्विंटल में बिक रहा शरबती गेहूं अन्य राज्यों में छह हजार रुपए क्विंटल से ज्यादा में बिक रहा है।

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मंडी में रोज आ रहा 5 हजार क्विंटल सुपर शरबती

व्यापारी मनोज कुमार सत्येंद्र कुमार का कहना है कि मंडी में रोज 5 हजार क्विंटल बेस्ट शरबती और 7000 क्विंटल 1544 किस्म व 5 हजार क्विंटल मिल क्वालिटी का गेहूं आ रहा है। सुपर सरबती की डिमांड है। ऐसे में वे 30 किग्रा के कट्टों में पैकिंग कर भेजते हैं। शहर से 80 से 90 ट्रक रोज अन्य राज्यों के लिए जा रहा है।

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पानी गिरने से चमक कम हुई

अशोकनगर के कृषि विभाग उपसंचालक एसके माहौर ने बताया कि इस बार जिले में 1.95 लाख मीट्रिक टन शरबती गेहूं का उत्पादन हुआ है। आम किस्म के गेहूं से इसका उत्पादन कम होने से सभी किसान इसे नहीं बोते।
देरखा के किसान सुनील रघुवंशी ने बताया कि हर साल 8 क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन होता था, इस बार 6 क्विंटल प्रति बीघा ही हुआ। बीच-बीच में पानी गिरने से गेहूं की चमक कम हुई है, इसलिए सभी के पास बेस्ट क्वालिटी का गेहूं नहीं हुआ।

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