
हिंदू बाहुल्य गांवों पर रोहिंग्याओं के हमले में हुई 100 से ज्यादा की मौतः एमनेस्टी इंटरनेशनल
नई दिल्ली। मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के रखाइन प्रांत में पिछले साल हुए संघर्ष के दौरान रोहिंग्या चरमपंथियों ने दो हिंदू बाहुल्य गांवों पर हमला किया था, इस दौरान 100 से ज्यादा हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया गया था। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
अगस्त 2017 में हुई थी भयानक हिंसा
रिपोर्ट के मुताबिक, 'अराकान रोहिंग्या सैलवेशन आर्मी यानी आरसा के लड़ाकों ने पिछले साल सुरक्षा बलों पर भी कई हमले किए थे। इस दौरान कई लोगों का अपहरण भी किया गया था। एक पीड़ित के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक जिन गांवों पर हमला हुआ उनमें से एक मौंगडाव टाउनशिप में स्थित है। सारी वारदातें अगस्त 2017 में हुई बताई जा रही हैं। इन्हीं घटनाओं के बाद सेना ने रोहिंग्याओं के खिलाफ ऑपरेशन चलाया था। सैन्य कार्रवाई में रोहिंग्याओं के गांव जलाने की बात भी सामने आई थी।
रोहिंग्याओं को लेकर भारत-बांग्लादेश में भी बवाल
म्यांमार में हुई इन हिंसात्मक घटनाओं के चलते करीब सात लाख रोहिंग्याओं ने पलायन किया था। जिसका एक बड़ा हिस्सा बांग्लादेश के शिविरों में रह रहा है। गौरतलब है कि बांग्लादेश के शरणार्थी कैंपों में रोहिंग्याओं के चलते कई तरह की समस्याएं खड़ी होने की बात सामने आई थी। वहीं भारत में भी रोहिंग्याओं को लेकर मानवीयता बनाम आंतरिक सुरक्षा का मसला बेहद गर्म है। भारत में एक पक्ष रोहिंग्याओं को मानवीय आधार पर शरण देने की वकालत करता रहा है तो दूसरी तरफ एक धड़ा रोहिंग्या मुस्लिमों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताता रहा है। आपको बता दें कि भारत में गृह मंत्रालय को मिली खुफिया जानकारियों में रोहिंग्याओं के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई थी।
Published on:
23 May 2018 08:37 pm
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