7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अफगानिस्तान: तालिबान के हमले में 61 लोगों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था तेज

अफगानिस्तान के दो प्रांतों में सुरक्षा चौकियों पर तालिबान आतंकियों ने हमला बोल दिया है। इस हमलों में अफगान सुरक्षा बल के कम से कम 45 जवान और 16 आतंकवादी मारे गए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Prashant Kumar Jha

•

Updated: 20 Jun 2018, 5:21 PM IST

afganistan

अफगानिस्तान: तालिबान के हमले में 61 लोगों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था तेज

काबुल:अफगानिस्तान के दो प्रांतों में सुरक्षा चौकियों पर तालिबान आतंकियों ने हमला बोल दिया है। इस हमलों में अफगान सुरक्षा बल के कम से कम 45 जवान और 16 आतंकवादी मारे गए हैं। समाचार एजेंसी के मुताबिक प्रांतीय गवर्नर अब्दुल कफूर मलिकजई ने कहा कि बदगिस प्रांत में रात को आतंकवादियों ने दो सुरक्षा चौकियों पर हमले किए, जिसमें 30 अफगानिस्तान सैनिक और 16 तालिबान आतंकवादी मारे गए। गवर्नर ने कहा कि भयानक लड़ाई के दौरान 15 से ज्यादा आतंकवादी घायल भी हुए हैं। घायलों में एक तालिबान का छद्म प्रांतीय गवर्नर भी शामिल है। वहीं, फराह प्रांत में हुए एक हमले में 15 पुलिसकर्मी मारे गए। अफगान रक्षा मंत्रालय का कोई अधिकारी तत्काल टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं था।

12 जून को हुई थी संघर्षविराम की घोषणा

अफगानिस्तान सरकार ने 12 जून को सात दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी ताकि राष्ट्रीय सुलह प्रक्रिया के समर्थन के लिए तलिबान को प्रोत्साहित किया जा सके। इस कदम पर गौर करते हुए तालिबान ने ईद-उल-फितर के पहले दिन से रविवार तक तीन दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी। फिलहाल इस घटना की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन सुरक्षा बलों का शक इस्लामिक स्टेट और तालिबान पर ही है।

पिछले दिनों 25 लोगों की हुई थी मौत

अफगानिस्तान के पूर्वी नंगरहार की राजधानी जलालाबाद के बाहरी इलाके में शनिवार को इसी तरह की घटना में 25 लोगों की मौत हो गई थी और 54 अन्य घायल हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने ली थी। इससे पहले तालिबान ने रविवार को अपने लड़ाकों को अफगान सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में नहीं जाने का आदेश दिया था। तालिबान ने यह आदेश विद्रोहियों और नागरिकों की एक भीड़ पर इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह द्वारा किए गए हमले के एक दिन बाद दिया है। इस हमले में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले से राष्ट्रपति अशरफ गनी के एकतरफा संघर्षविराम की घोषणा के बाद तालिबान और सेना के बीच नजदीक आने के प्रयास को धक्का लगा है।