
थाईलैंड: बौद्ध भिक्षु को 114 साल की जेल, मनी लांड्रिंग और धोखाधड़ी का था आरोप
बैंकाक। थाईलैंड की एक अदालत ने एक बौद्ध भिक्षु को 14 साल की जेल की सजा सुनाई है। इस बौद्ध भिक्षु को अमरीका से प्रत्यर्पण कर लाया गया था। अमरीका से लाए जाने के एक साल के बाद बौद्ध भिक्षु को 1 साल के सजा दी गई है। विराफोन सुकफोन नाम का इस भिक्षु पर नाबालिग लड़की से बलात्कार करने और दानदाताओं को धोखा देने का आरोप था।
क्या है मामला
39 वर्षीय सुकफोन पर नाबालिग से बलात्कार करने और दानदाताओं को धोखा देने का आरोप लगा था। दुनिया की सबसे बड़ी बौद्ध प्रतिमा बनाने के लिए उसने चंदे में धन लिया था। बाद में जांच में पता चला कि उसने लग्जरी कारें खरीद रखी है और उसके पास बाइक में 7,00,000 डॉलर की धनराशि है। इन आरोपों के बाद उसे अमरीका से वापस भेज दिया गया।
अदालत ने दी सख्त सजा
बैंकाक की अदालत ने मामले के सुनवाई करते हुए कहा कि "आरोपी सुकफोन को मनी लांड्रिंग, धोखाधड़ी, आॅनलाइन चंदा जुटाने के लिए साइबर क्राइम एक्ट के उल्लंघन करने का दोषी पाया गया है ।" न्यायाधीशों ने उसे दोषी ठहराया और 114 साल की जेल की सजा सुनाई। हालांकि थाईलैंड के कानून के अनुसार आरोपी सुकफोन को केवल 20 साल ही जेल में रहना होगा। इसके साथ ही अदालत ने सुकफोन को 29 दानदाताओं के 8,61,700 डॉलर लौटाने का भी आदेश दिया है। वहीं सुकफोन पर चल रहे बलात्कार के मामले पर फैसला अक्तूबर में आने की संभावना है।
बता दें कि अमरीका में निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे विराफोन सुकफोन 2013 में उस समय खबरों में आया था जब उसने अपने निजी जेट पर डिजाइनर चश्मा पहने और स्टाइलिश बैग लिए एक फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट किया था।
Published on:
10 Aug 2018 09:28 am
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