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नवाज शरीफ के कबूलनामे पर बोले उज्जवल निकम कहा, ISI और सेना से डरते थे नवाज

आतंकी कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने वाले सरकारी वकील उज्जवल निकम ने नवाज शरीफ के बयान पर प्रितक्रिया दी है।
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

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Updated: 12 May 2018, 8:03 PM IST

ujjwal

नई दिल्ली : आतंक का दोस्त और दहशतगर्दों का पनाहगार पाकिस्तान फिर बेनकाब हुआ है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कबूल किया है मुंबई हमले में पाकिस्तान का हाथ था। एक स्थानीय अखबार को दिए साक्षात्कार में नवाज शरीफ ने खुलासा करते हुए कहा है कि ,” पाकिस्तान में अभी भी कई आंतकी संगठन सक्रिय हैं"। अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि, "क्या हम उन्हें सीमा पार कर मुंबई में घुसकर 150 लोगों को मारने का आदेश दे सकते हैं? क्या कोई मुझे इस बात का जवाब देगा? हम तो केस भी पूरा नहीं चलने देते। बता दें कि उन्हें पनामा पेपर केस में सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 जुलाई को दोषी करार दिया था। इसके बाद उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा था। पाकिस्तान इस बात को नकारता रहा कि 2008 के मुंबई अटैक में उसकी कोई भूमिका है।

देश के लिए काफी अहम है नवाज शरीफ का बयान

देश के जाने-माने वकील उज्जवल निकम ने नवाज शरीफ के बयान पर प्रितिक्रिया देते हुए नवाज शरीफ के बयान को काफी अहम बताया है। उन्होंने कहा कि, “ पाकिस्तान के पूर्व प्रदानमंत्री नवाज शरीफ का बयान भारतीय सरकार के लिए काफी महत्तवपूर्ण हैं। ये सिद्ध करता है कि जब नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे तो वह 26/11 हमले से अवगत थे। लेकिन कभी उन्होने मुकदमे को खत्म करने की कोशिश नहीं की। बता दें कि उज्ज्वल निकम वो नाम जिसने मुंबई हमले में जिंदा पकड़ा गया आतंकी कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाया था।

'पाकिस्तान सरकार ISI और सेना की कठपुतली है'

साथ ही उज्जवल निकम ने कहा है कि नवाज शरीफ के इस बायन से यह भी साबित होता है कि पाकिस्तान सरकार, इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस और पाकिस्तान आर्मी की कठपुतली है। इसके अलावा उज्ज्वल निकम ने कहा कि यही कारण है जब नवाज शरीफ देश के प्रधानमंत्री थे, तो उन्होंने उस समय हमले को स्वीकार नहीं किया, क्योंकि वह आईएसआई और पाकिस्तान सेना से डरते थे।