
नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने म्यांमार की सेना को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। यूएन ने यह कदम एक रिपोर्ट के आधार पर उठाया है। रिपोर्ट में म्यांमार सेना की ओर से रोहिंग्या मुसलमान महिलाओं से बलात्कार करने और यौन हिंसा संबंधी अन्य कृत्यों को अंजान देने के 'संदेह के पुख्ता सुराग' होने की बात कही गई है। इस रिपोर्ट को आधार मानते हुए यूएन ने म्यांमार की सेना को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है।
7 लाख रोहिंग्या शरणार्थी बनने को हुए मजबूर
आपको बता दें कि यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दी गयी रिपोर्ट में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा कर्मियों और बांग्लादेश में मौजूद अन्य लोगों का कहना है कि म्यांमार से वहां पहुंचे करीब सात लाख रोहिंग्या मुसलमानों ने सेना की और से किए गए क्रूर यौन उत्पीड़न के कारण शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक पीड़ा झेली है। इस रिपोर्ट को देखते हुए यूएन ने म्यांमार की सेना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए म्यांमार की सेना को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है।
रोहिंग्याओं को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया : गुटेरस
यूएन महासचिव ने आगे कहा कि इन हमलों को कथित तौर पर म्यांमार की सेना ने अक्टूबर, 2016 से अगस्त, 2017 के बीच चलाये सैन्य अभियान के दौरान अंजाम दिया। उन्होंने आगे बताया कि म्यांमार की सेना ने इस दौरान बड़े स्तर पर भय का माहौल बनाया और फिर रोहिंग्या महिलाओं से यौन हिंसा की गई। म्यांमार की सेना का असली मकसद रोहिंग्या समुदाय को अपमानित करना, आतंकित करना और सामूहिक रूप से दंडित करना था। जिससे वे लोग भयभीत होकर अपने-अपने घर छोड़ दें और वे म्यांमार छोड़कर चले जाएं। गुटेरस ने बताया कि म्यांमार में रोहिंग्याओं की वापसी के विरुद्ध एक सोची समझी गी साजिश के तहत ये सब किया गया है।
Updated on:
14 Apr 2018, 6:11 PM IST
Published on:
14 Apr 2018, 4:54 PM IST
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