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जिनपिंग ने खुद लिखवाया चीन का नया राजनीतिक इतिहास! अपने नाम का उल्लेख 17 बार कराया और माओ तथा देंग का केवल 5 बार

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया है। वैसे, जानकारों की मानें तो यह स्पष्ट तौर पर समझा जा सकता है कि यह प्रस्ताव खुद चीन के कथित तानाशाह के वेश में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पारित कराया है और इसमें अपना नाम 17 बार, जबकि पार्टी के संस्थापक माओ त्से तुंग तथा सुधारक देंग का नाम केवल पांच बार लिखवाया है।  
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Ashutosh Pathak

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Updated: 12 Nov 2021, 4:37 PM IST

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नई दिल्ली।

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति ने ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया है। इसमें मौजूदा राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग और सुधारक देंग शियाओपिंग के बराबर बताया है।

इस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि शी जिंनपिंग तीसरी बार राष्ट्रपति बनने को तैयार हैं। हालांकि चीन में शी जिंनपिंग का दबदबा किसी से छिपा नहीं है। इसको ऐसे भी समझ सकते हैं कि इस ऐतिहासिक प्रस्ताव में 17 बार जिनपिंग के नाम का उल्लेख किया गया है। पूरे प्रस्ताव में सिर्फ 7 बार माओ और 5 बार देंग का उल्लेख किया गया है।

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कार्यक्रम में 2049 तक चीन को महान आधुनिक समाजवादी देश बनाने का लक्ष्य रखा गया है। होन्ग कोन्ग के एकीकरण के बाद जिनपिंग के लिए ताइवान प्राथमिकता है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के चीफ जिनपिंग की लीडरशिप में अक्टूबर महीने में चीनी लड़ाकू विमान करीब 200 बार ताइवान की वायुसीमा का उल्लंघन कर चुकी है। शिनजियांग के तकलामाकन रेगिस्तान में अमरीकी विमान वाहक और विध्वंसक के नकली लक्ष्य पर मिसाइल और दक्षिण चीन सागर में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आक्रामक नीति से चीन ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं।

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चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि बीजिंग 'वन चाइना' को जल्द से जल्द जमीन पर उतारना चाहता है, जिससे और यूरोपीय यूनियन आदि को कोई मौका न मिल सके। अफगानिस्तान से अमरीकी सैनिकों की वापसी के बाद से अमरीकी नेतृत्व पहले से कमजोर दिखा है। अफगानिस्तान को लेकर अमरीकी सहयोगी पाकिस्तान अब खुलकर तालिबान के साथ नजर आ रहा है।