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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का बहिष्कार कर सडको पर उतारे बीपीएड डिग्री धारकों

फैजाबाद में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का किया बहिष्कार सरकार के नीति पर लगाया आरोप सडको पर उतारे बीपीएड डिग्री धारक
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अयोध्या

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Satya Prakash

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Updated: 22 Jun 2018, 10:17 AM IST

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फैजाबाद : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जहां पुरे भारत के साथ विश्व के 177 देशों में विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है वहीं उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में बीपीएड संघर्ष मोर्चा ने विश्व योग दिवस का बहिष्कार किया और सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. प्रशिक्षित बीपीएड डिग्री धारकों का आरोप है कि प्रदेश सरकार शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगा कर बीपीएड डिग्री धारकों का हक छीन रही है।


शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की भर्ती पर सरकार ने लगाया रोक

फैजाबाद के बीपीएड डिग्री धारकों का मानना है कि योग शारीरिक शिक्षा का एक अंग है और योग अनिवार्य विषय के रूप में लागू हुई है। इसको पढ़ाने के लिए शिक्षकों की नियुक्तियां अभी तक नहीं हो पाई है।पूर्ववर्ती सरकार ने उच्च प्राथमिक विद्यालय में 32022 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन सरकार बदलते ही योगी सरकार ने इस पर समीक्षा के नाम पर रोक लगा दी जिसको लेकर बीपीएड संघर्ष मोर्चा अदालत की शरण में भी गया जिसका प्रदेश सरकार ने जवाब भी दाखिल किया और उसके दावे को नकार भी दिया गया लेकिन प्रदेश सरकार हाईकोर्ट की डबल बेंच में जाकर बीपीएड डिग्री धारकों के मंशा पर पानी फेर दिया। बीपीएड डिग्री धारकों की मांग है कि प्रदेश सरकार शारीरिक शिक्षा शिक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत जल्द करें।


प्रदेश सरकार बंद पड़े भर्ती प्रक्रिया का शुरू करे

बीपीएड डिग्री धारको ने कहा कि योग शारीरिक शिक्षा का एक अंग है और बेसिक शिक्षा पद्धति द्वारा सिर्फ उत्तर प्रदेश के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयो में योग क्रिया अनिवार्य विषय के रूप में लागू है लेकिन इस विषय को पढ़ाने के लिए शिक्षको को नियुक्ति नहीं हो पाई है जब कि पूर्व की सरकार ने योग के महत्त्व को जानते हुए उत्तर प्रदेश में शारीरिक शिक्षको को भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन योगी सरकार ने समीक्षा के नाम पर इस भर्ती प्रकिया पर रोक लगा दिया जिसके कारण जब हम लोग कोर्ट का माध्यम लिया तो कोर्ट ने दो माह में यह भर्ती शुरू करने का निर्देश दिया था लेकिन अभी तक सरकार कोई कार्य नहीं कर रही जिसके कारण आज हम लोग सडक पर आ गए है. और इस योग दिवस का विरोध करने के लिए मजबूर है.