
बागपत। कोरोना (Corona) को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों व पुलिसकर्मियों के अलावा आम लोग भी सतर्कता से जुटे हुए हैं। कई गांवों में युवक हाथों में लट्ठ लेकर सीमा पर खड़े हैं तो कहीं महिला प्रधान डंडा लेकर लोगों को घरों में जाने को कह रही है। वेस्ट यूपी (West Uttar Pradesh) के लगभग सभी गांवों में आजकल ऐसा ही नजारा है।
गांव की सीमा पर मुस्तैदी से खड़े हैं युवक
बागपत (Baghpat) के गांवों में भी युवक गांव की सीमा पर मुस्तैदी से खड़े हैं। वहां से किसी को भी गांव में एंट्री नहीं करने दी जा रही है। जनपद के एक दर्जन गांव में ग्रामीणों ने गांव को लॉकडाउन (Lockdown) कर दिया है। रास्तों पर पहरा दिया जा रहा है और लोगों से अपील की जा रही है कि कोई भी अपने घर से बाहर नहीं निकले। किसान खेतों में काम करने के लिए भी मजबूर हैं लेकिन उनको किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में नहीं आने की नसीहत दी जा रही है। मुबारिकपुर गांव निवासी रूबल त्यागी का कहना है कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए ग्रामीणों को समझाया जा रहा है।
एसडीएम और सीओ ने बढ़ाया हौसला
गांव के चारों तरफ पहरा लगाकर युवाओं की टोली बनाई गई है जो लोगों के आने और जाने पर निगरानी रख रही है। इसके साथ ही गांव में आने—जाने वालों का रिकॉर्ड भी रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। गांव में बनाई गई इस टीम के कार्य को देखते हुए एसडीएम खेकड़ा राजपाल सिंह और सीओ ने मिलकर उनका हौसला भी बढ़ाया है। अरुण त्यागी का कहना है कि गांव में लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं लेकिन कुछ खुराफाती लोग समझाने से भी बाज नहीं आ रहे। वॉलिंटर टीम में 25 सदस्य शामिल हैं, जिन्होंने गांव के तीन रास्ते पर पहरा बैठा रखा है।
पांच—पांच लोगों की शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी लगाई गई है। ग्राम प्रधान अनीता देवी ने भी इस टीम की सराहना की है। उनका कहना है कि जल्द की गांव को सैनेटाइज भी किया जाएगा। गांव में बाहर से आये लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद ही उनको घर पर ही रहने को कहा गया है।
सबको घर भेज रही महिला प्रधान
हापुड़ के गांव अट्टा धनावली की ग्राम प्रधान माधवी सबके घर में जाकर उनको घर में रहने की सलाह दे रही हैं। वह हाथ में डंडा लेकर गांव की खुद पहरेदारी भी कर रही हैं। बाहर से बेवजह आने वाले लोगों को वापस भेज दिया जा रहा है। सभी लोग उनकी बात भी मान रहे हैं। इसके साथ ही वह ग्रामीणों को माइक से जरूरी जानकारी भी दे रही हैं।
एक दर्जन से ज्यादा गांवों में युवकों का पहरा
कुछ ऐसा ही हाल गौतम बुद्ध नगर के गांवों का भी है। दादरी धूमखेड़ा, अच्छेजा और बादलपुर समेत एक दर्जन से ज्यादा गांवों में युवक टोली बनाकर पहरा दे रहे हैं। इस बीच युवकों की शिफ्ट भी लगती है। गांव के हरिंदर नागर, प्रदीप और मिंटू का कहना है कि वे गांव में बेवजह किसी को आने नहीं दे रहे हैं।
Updated on:
02 Apr 2020 02:36 pm
Published on:
02 Apr 2020 02:32 pm
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