
coronavirus
बालाघाट। पूरे मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण (coronavirus) का संकट छाया हुआ है। यहां पर एक्टिव केस बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में संसाधनों की कमी हो गई है। इसकी वजह से नए संक्रमितों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। वहीं इन सबके बीच एमपी के बालाघाट की एक बेटी ने मिसाल पेश की है।
जी हां प्रज्ञा छुट्टी पर अपने घर आईं थीं लेकिन कोरोना का संकट बढ़ने के बाद नागपुर चिकित्सकीय सेवाएं देने लौटना पड़ रहा था। इन सबके बीच लॉकडाउन में महाराष्ट्र की ओर जाने वाली बसें और ट्रेन के साधन नहीं मिल पाने पर प्रज्ञा ने अपनी स्कूटी से ही नागपुर तक का सफर तय कर डाला।
7 घंटे में पहुंची नागपुर
डॉ. प्रज्ञा कहती है कि इतना लंबा रास्ता स्कूटी से तय करने देने में परिजन साथ नहीं दे रहे थे लेकिन मेरे मनाने पर मान गए। वे सोमवार की सुबह स्कूटी से नागपुर के लिए निकल गई और दोपहर वहां पहुंचने के बाद से ही उन्होंने कोविड के मरीजों का उपचार भी शुरू कर दिया। आपको बता दें कि उन्हें स्कूटी चलाकर बालाघाट से नागपुर पहुंचने में लगभग 180 किमी की दूरी तय करनी पड़ी इसमें करीब 7 घंटे का समय उन्हें लगा।
रास्ते में खाने को नहीं मिला कुछ भी
डॉ. प्रज्ञा नागपुर में प्रतिदिन 6 घंटे एक कोविड अस्पताल में सेवा देती हैं, जहां वे आरएमओ के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही एक अन्य अस्पताल में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि तेज धूप और गर्मी के साथ में अधिक समान होने से थोड़ी असुविधा जरूर हुई। रास्ते में भी कुछ खाने पीने को नहीं मिला लेकिन वह दोबारा अपने काम पर लौट गईं, इस बात की खुशी है।
Updated on:
22 Apr 2021, 2:50 PM IST
Published on:
22 Apr 2021, 1:24 PM IST
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