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सेल्फी के चक्कर में तीन युवाओं ने जान डाला जोखिम में, झरने के पास फिसला पैर

बालोद जिला मुख्यालय से 23 किमी दूर पिकनिक स्पॉट सिया देवी की हरी-भरी पहाडिय़ों की सुरम्य वादियों और प्राकृतिक झरने के बीच एक दुर्घटना होते बची।
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बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 31 Jul 2018, 8:30 AM IST

siyadehi balod tourism

झरने पर फिसले 3 युवक नीचे गिरने से बचे

बालोद. जिला मुख्यालय से 23 किमी दूर पिकनिक स्पॉट सिया देवी की हरी-भरी पहाडिय़ों की सुरम्य वादियों और प्राकृतिक झरने के बीच एक दुर्घटना होते बची। छुट्टी का दिन मौज-मस्ती करने सुबह सियादेवी पहुंचे थे, जो शाम तक रहे।

इस दौरान यहां भारी तादाद में पर्यटक अपने हिसाब से बिना किसी डर के क्षेत्र में मौज-मस्ती कर रहे थे। उन्हें पता नहीं था कि किस इलाके में क्या अनहोनी हो सकती है। पर भी वे बेधड़क कभी झरने के उपर, तो कभी नीचे सेल्फी लेते हुए उछल-कूद कर रहे थे। इसी दौरान झरने के उपर एक घटना घटते बची।

मंदिर समिति के अनुसार लगभग हजार भर लोग यहां हैं। इन पर्यटको में सबसे ज्यादा युवक-युतियां थीं जो अपने परिवार के साथ आए थे। बताया गया कि 22 फीट ऊंचे प्राकृतिक झरने से गिरते पानी में जहां लोग नहा कर खूब मौज कर रहे थे, वहीं चट्टानों पर खड़े होकर कई पर्यटक मोबाइल से सेल्फी लेते जान जोखिम में डालते नजर आ रहे थे।।

झरना देखने के चक्कर में फिसला पैर
सिया देवी पर्यटन स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यटक आए थे। इस प्राकृतिक झरने को निहारने व झरने से गिर रहे पानी में नहाने और मौज करने के दौरान हद तब हो गई जब रायपुर से पिकनिक मनाने आए 10 पर्यटक सेल्फी लेने के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र के बावजूद झरने के ऊपर हिस्से पर चले गए।

अभी झरने पर पानी चलने की वजह से चट्टान में काई जम गई है। पर्यटक जैसे ही अपने दोस्तों के साथ सेल्फी लेने गए कि तीन लोगों का पैर फिसल गया और चट्टान पर गिर गए, गनीमत यह रही कि एक पर्यटक झरने से 10 फीट की दुरी पर गिरा, अगर नजदीक होता तो सीधे झरने के नीचे गिरते।

प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकेने पर भी नहीं मानते
जानकारी के मुताबिक सिया देवी प्रबन्धन समिति भी प्रतिबंधित क्षेत्र में पर्यटकों को जाने से मना करते हैं, पर भी पर्यटक नहीं मानते और न ही अभी तक पुलिस, पर्यटन व वन विभाग ने कोई सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पर्यटकों की थोड़ी लापरवाही बढ़ी घटना को अंजाम दे सकती है। ज्ञात रहे दो साल पहले इसी झरने से गिरकर बिलासपुर का इंजीनियरिंग छात्र की मौत हुई थी।

लापरवाही की वजह से हुआ था हादसा
समिति के सदस्यों सहित कुछ लोगों ने बताया कि दो साल पहले यहीं पर एक बड़ा हादसा ऐसे ही लापरवाही की वजह से हुआ था। बिलासपुर से यहां आनंद उठाने आए युवाओं पर दुख का पहाड़ टूटा था। बिना जाने वे एरिया में मस्ती कर रहे थे कि झरने के ऊपर से एक इंजीनियरिंग का छात्र गिर गया था। उसकी मौके पर मौत हो गई थी। उनके साथ आए युवाओं को कुछ सूझ नहीं रहा था। गलती तो कर चुके थे। डरते-डरते वे अपने परिजन को फोन कर घटना की जानकारी दी थी। तब से हम भी यहां पर्यटकों को सावधान करते हैं, पर वे अपने में मस्त रहते हैं।