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ऐसा है अपना स्वच्छ भारत अभियान: खुले में टायलेट जाते हैं यहां के विद्यार्थी

balodजिला ओडीएफ घोषित किए सालभर हो चुका है, लेकिन आश्चर्य की बात सामने आई है कि जहां हम स्वच्छता का पाठ पढ़ाते हैं वहीं के बच्चे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
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बालोद

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Chandra Kishor Deshmukh

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Updated: 12 Aug 2018, 12:21 AM IST

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ओडीएफ जिले के स्कूली बच्चे पानी नहीं होने की वजह से खुले में जाते हैं शौच

बालोद. जिला ओडीएफ घोषित किए सालभर हो चुका है, लेकिन आश्चर्य की बात सामने आई है कि जहां हम स्वच्छता का पाठ पढ़ाते हैं वहीं के बच्चे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। दरअसल, जिम्मेदारों ने स्कूल में शौचालय तो बनावाए पर उसके उपयोग के लिए पानी की व्यवस्था करना भूल गए है।
जिला शिक्षा विभाग द्वारा भले ही जिले के सभी शासकीय स्कूलों में शौचालय निर्माण का दावा किया जा रहा हो, लेकिन आज भी कई स्कूलों में उसके उपयोग के लिए पानी की व्यवस्था ही नहीं की जा सकी है। जिसके कारण स्कूलों में पढऩे वाले मासूम बरसात के दिनों में सांप-बिच्छू और जहरीले कीड़ों के काटने के खतरे के बीच खुले में जाते हैं।

खेत-खलिहान की ओर शौच के लिए जाते हैं बच्चे
यह मामला जिला मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर देऊरतराई में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला का है, जहां जिम्मेदारों ने शौचालय तो बनवाया, लेकिन उसके साथ जरूरी पानी की व्यवस्था करना भूल गए। अब स्कूल के बच्चे जरूरत के समय प्लास्टिक के डिब्बे लेकर खेत-खलिहान की ओर शौच के लिए जाते देखे जा सकते हैं।

स्कूल के बाहर लगा नल
जानकारी के मुताबिक, देऊरतराई प्राइमरी स्कूल में कुल 44 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल में पानी की व्यवस्था परिसर के अंदर नहीं बल्कि बाहर की गई है, जहां बच्चे मध्याह्न भोजन के बाद भी बच्चे बर्तनों को धोने के लिए जाते हैं, वहीं शौच के समय भी नल से पानी भरकर बाहर जाते हैं।

टंकी तक नहीं पहुंच पाता पानी
स्कूल के प्रधान पाठक एसएन यादव ने बताया स्कूल में लगे नल का पानी टंकी तक नहीं चढ़ता, इस वजह से यहां पानी की दिक्कत है। ऐसे में केवल लड़कों को ही नहीं बल्कि लड़कियों को भी शौच के लिए डिब्बे में पानी लेकर बाहर जाना पड़ता है।

अनहोनी की आशंका से रहते हैं ग्रसित
मानसून को देखते हुए जहां देखो वहां जंगली झाडिय़ां उग आई है। ऐसे में सांप-बिच्छू के अलावा जहरीले-कीड़े मकोड़ों के काटने का डर बना रहता है। स्कूल के बच्चे आवश्यकता होने पर शिक्षक से छुट्टी मांगकर बाहर जाते हैं, लेकिन यह खतरे से भरा है। ग्रामीणों का मानना है ऐसे में कभी भी घटना घटने की आशंका बनी रहती है। मामले में स्थिति से विभाग भी अनजान है।

मामले की जानकारी नहीं है
बालोद विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत बाघ ने कहा उस स्कूल में समस्या के मामले की जानकारी नहीं है। स्थिति की जानकारी लेकर पहल करेंगे।