
Negligence मार्च माह की बात करें तो मार्च में 50 दुर्घटनाओ में 29 लोगों की मौत हुई व 69 लोग घायल हुए। अप्रैल में भी दुर्घटना हो रही है। शादी का सीजन शुरू होते ही सड़कों पर बेरोक-टोक मालवाहकों में यात्री ढोते देखे जा सकते हैं। कुछ साल पहले जिले में मालवाहकों में यात्री, बाराती व चौथिया ढोते समय कई घटनाएं भी हुई थीं, जिसमें दर्जनभर से अधिक लोगों की मौत भी हुई है। इसके बाद भी लोग इन घटनाओं से सबक ही नहीं ले रहे हैं।
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शादी सीजन शुरू होने के बाद शादी घरों में बारात व चौथिया जाने की परंपरा है। मजबूत व संपन्न घराने शादियों में यात्री बसों को लगाते हैं। मध्यम व गरीब वर्ग बस की जगह ट्रैैक्टर, मेटाडोर, पिकअप आदि मालवाहकों का उपयोग करते हैं। बस की तुलना में इन वाहनों का किराया कम लगता है। कुछ सालों से हो रही घटनाओं को देखते हुए इस बार यातायात विभाग सचेत हो गया है। मालवाहकों में यात्री ढोने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
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शादी सीजन में बसों की कमी भी बनी हुई है। कई यात्री बसें भी शादी में बुक हो चुकी हैं। लोगों को आवागमन के लिए दिक्कतें होने लगी है। कई लोग मालवाहकों में यात्रियों को ढो रहे हैं। यात्री वाहनों की कमी और शादी कार्यक्रम में जाने के लिए लोग मजबूरी में भी मालवाहकों में सफर कर रहे हैं।
बाराती, चौथिया लाने ले जाने मालवाहकों का उपयोग करते हैं। रात के समय वापस आते हैं तो अक्सर चालक शराब के नशे में वाहन चलाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। हालांकि यातायात पुलिस लोगों से लगातार अपील कर रही है कि मालवाहक का उपयोग यात्री वाहन के तौर पर नहीं करें और न ही नशे में वाहन चलाएं।
जिला परिवहन अधिकारी प्रकाश रावटे ने बताया कि मालवाहक में सवारी ढोने वाले वाहनों व चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। कई जगहों पर कार्रवाई भी की गई है। यातायात विभाग चौक-चौराहों में लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई कर रहा है।
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Updated on:
04 Apr 2025 11:55 pm
Published on:
04 Apr 2025 11:55 pm
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