29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Gandhi Jayanti 2023 : छत्तीसगढ़ के इस जिले में हैं महात्मा गांधी का मंदिर, रोजाना होती हैं बापू की पूजा…देखें

Gandhi Jayanti 2023: पूरा देश दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाता है। लेकिन बालोद-धमतरी जिले की सीमा पर बसा छठियारा छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव है, जहां महात्मा गांधी का मंदिर है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बलोदा बाज़ार

•

image

Khyati Parihar

•

Updated: 2 Oct 2023, 11:48 AM IST

Gandhi Jayanti 2023: The only village where there is a temple of Mahatma Gandhi, people worship Bapu every day... Know its unique story

महात्मा गांधी का मंदिर

बालोद। Gandhi Jayanti 2023: पूरा देश दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाता है। लेकिन बालोद-धमतरी जिले की सीमा पर बसा छठियारा छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव है, जहां महात्मा गांधी का मंदिर है। वहां रोजाना सुबह-शाम पूजा होती है। मंदिर से बालोद जिले के लगभग 2 हजार से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। गांधी जयंती, गांधी पुण्यतिथि, स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर महात्मा गांधी के अनुयायियों की भीड़ लगती है।

यह भी पढ़े: रोजगार का बड़ा अवसर, 790 पदों पर होगी बम्पर भर्ती, मिलेगी इतनी सैलेरी, देखें Details

कंडेल नहर सत्याग्रह के समय गांधी की देशभक्ति से हुए प्रभावित : बालोद जिला निवासी देवधर, गिरधारी ने बताया कि मंदिर बहुत पुराना है। बालोद जिले के अलावा धमतरी, कांकेर जिले से भी लोग बड़ी संख्या में जुड़कर गांधी की पूजा करते हैं। शिवराम ने बताया कि 1920 में (Gandhi Jayanti 2023) जल सत्याग्रह में महात्मा गांधी धमतरी जिले के ग्राम कंडेल आए थे, तभी उनके भाषण व राष्ट्रभक्ति को देख लोग मुरीद हो गए। छठियारा के ग्रामीणों ने एक छोटी सी कुटिया में गांधी की फोटो रखकर पूजा करने लगे। धीरे-धीरे मंदिर को लोग जानने लगे।

यह भी पढ़े: PM मोदी के बाद छत्तीसगढ़ आएंगे CM योगी आदित्यनाथ, आदिवासियों को साधने BJP ने बनाया मास्टर प्लान

शराब व मांस पर प्रतिबंध, सादगी से करते हैं पूजा

Gandhi Jayanti 2023: मंदिर परिसर में शराबखोरी, मांस या किसी भी प्रकार का नशा प्रतिबंधित है। जिस तरह से गांधी सादे वस्त्र में रहते थे, वैसे ही वस्त्र पहनकर पूजा की जाती है। बुनकर भी खादी के कपड़े मंदिर में चढ़ाते हैं। मंदिर को देखने व यहां की परंपरा को समझने दूर-दूर से लोग आते हैं।

प्राकृतिक वातावरण भी आकर्षण का केंद्र

Gandhi Jayanti 2023: गंगरेल के डुबान में स्थापित मंदिर प्राकृतिक वातावरण रमणीय है। इस जगह की खूबसूरती को देखने बड़ी संख्या में लोग आते हैं। पहाड़ की ऊंचाई से गंगरेल जलाशय का पानी और हरियाली के साथ चलती ठंडी हवा लोगों को आकर्षित करती है।

यह भी पढ़े: कांग्रेस की भरोसा यात्रा कल से, प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा व डिप्टी सीएम टीएस करेंगे शुरुआत

बड़ी खबरें

View All

बलोदा बाज़ार

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग