
साइकिल पाकर खिल उठे बेटियों के चेहरे फोटो सोर्स सूचना विभाग
Balrampur News: बलरामपुर जिले में थारू समाज की बेटियों की पढ़ाई आसान बनाने के लिए पहल की गई है। पचपेड़वा ब्लॉक के इमलिया कोडर स्थित थारू जनजाति संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में 299 छात्राओं को साइकिलें दी गईं। इससे दूर-दराज के गांवों में रहने वाली छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आसानी होगी। कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह मौजूद रहे।
बलरामपुर जिले में थारू जनजाति की छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पचपेड़वा ब्लॉक के इमलिया कोडर स्थित थारू जनजाति संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में 299 छात्राओं को साइकिलें दी गईं। इस पहल का मकसद छात्राओं को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी से राहत दिलाना और उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में देवीपाटन मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। कार्यक्रम का आयोजन थारू जनजाति विकास विभाग की ओर से किया गया।
बलरामपुर के दूरस्थ और सीमावर्ती इलाकों में थारू जनजाति के कई परिवार रहते हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए स्कूल पहुंचना कई बार मुश्किल होता है। घर से विद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण उन्हें आने-जाने में समय और मेहनत लगती है। ऐसे में साइकिल मिलने से छात्राओं को स्कूल पहुंचने में सहूलियत होगी। वे कम समय में विद्यालय आ-जा सकेंगी। इससे उनकी पढ़ाई के लिए समय भी बचेगा और नियमित रूप से स्कूल पहुंचने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय जाने की सलाह दी। उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साइकिल वितरण का उद्देश्य केवल छात्राओं को आवागमन की सुविधा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इससे छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल सकती है।
थारू जनजाति विकास विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम को जनजातीय समुदाय की बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। साइकिल मिलने से छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में होने वाली व्यावहारिक दिक्कतें कम हो सकती हैं। कार्यक्रम में साइकिल पाने वाली छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। यह सुविधा उनके लिए पढ़ाई जारी रखने और आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकती है। अब छात्राओं को उम्मीद है कि स्कूल आने-जाने का सफर पहले से आसान होगा और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।
Updated on:
09 Oct 2026 08:43 pm
Published on:
09 Oct 2026 08:01 pm
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