बता दें, महुटा गांव में अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी रही। दूल्हा तो खुश था ही, बैलगाड़िय़ों पर सवार होकर दूल्हन के गांव पहुंचे बराती भी झूमते दिखे। वहीं प्रधान संध्या मिश्रा ने बताया कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को देखते हुए बैलगाड़ी से बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचे हैं। यह ऐसी बरात थी जो मिसाल बनी। पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश देने में कामयाब हुई ...कि, बिना किसी तड़क-भड़क व दिखावे के भी बरात जा सकती है। वहीं मंगलवार को विदाई से पहले दूल्हा-दुल्हन ने मिलकर पौधरोपण किया। बारातियों को भी विदाई में एक-एक पौधा दिया गया। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन की विदाई पालकी से हुई और बराती बैलगाडिय़ों से घर के लिए रवाना हो गए।