
रात्रिभोज एवं कंदमूल त्यागने का आह्वान
बेंगलूरु. आदिनाथ जैन श्वेताम्बर संघ के तत्वावधान में पंन्यास प्रवर कल्परक्षित विजय की निश्रा में 'गिरिराज की पवित्रता कैसे बनाए रखेÓ पर विशेष कार्यक्रम हुआ। पंन्यास ने तीर्थपर रात्रिभोज एवं कंदमूल के त्याग करने का आह्वान करते हुए कहा कि अगर आप ऐसा न करते हैं तो तीर्थंकरों की वाणी के साथ द्रोह कर रहे हैं।
ट्रस्टी देवकुमार के जैन ने कहा कि अन्य स्थान में किए गए पापों का तीर्थ स्थान में विसर्जन होता है, लेकिन तीर्थ स्थान में किए गए पाप वज्रलेप की तरह होते हैं। अशोक सिंघवी ने सामूहिक रात्रिभोज त्याग पर बल दिया। शांतिलाल नागोरी ने कहा कि आहोर प्रवासी संघ द्वारा सामूहिक रात्रिभोज, डीजे व संगीत संध्या पर रोक लगा दी है। बाबूलाल पारेख ने स्वागत किया। गौतम सोलंकी ने धन्यवाद दिया।
कर्मयुग और धर्मयुग के प्रणेता थे भगवान आदिनाथ
बेंगलूरु. राजाजीनगर में साध्वी संयमलता ने कहा कि भगवान आदिनाथ कर्मयुग और धर्मयुग के प्रणेता थे। असि, मसि, कृषि, शिल्पकला और वाणिज्य के मंत्रदाता थे। उन्होंने कहा कि वे सभ्यता और संस्कृति की विकास यात्रा के पुरोधा थे। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, इस पुरुषार्थ चतुष्टयी के प्रवर्तक थे। भगवान महावीर जैन धर्म के स्वर्ण मंदिर के शिखर है तो प्रभु आदिनाथ इसकी नींव है। साध्वी सौरभप्रज्ञा ने सामूहिक मंत्र गान करवाया। प्रारंभ में सुरेश भंडारी, रमेश बोहरा, मदन गांधी, नेमीचंद बाबेल, दानमल मेहता ने सजोड़े मंगल कलश की स्थापना की। सरला दुग्गड़ ने 14 उपवास, मनीष कूकड़ा ने 6 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किए। शुक्रवार को भगवान पाŸवनाथ मां पदमावती एकासन का आयोजन होगा।
साध्वी रिद्धिमा से लिया आशीर्वाद
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने पुणे घोडनड़़ी पहुंच वहां विराजित साध्वी रिद्धिमा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। धारीवाल का सम्मान किया गया। घोडनड़़ी संघ के सलाहकार भंवरलाल फुलफगर, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष भरत चोरडिया, सुनील बाफना, अनिल बोरा, आनंद फुलफगर, वैभव गादिया, विकास सुराणा उपस्थित थे।
Published on:
10 Aug 2018 05:17 pm
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