
धरना दे रहे बुनकरों को पुलिस ने हटाया तो पहुंचे कुमारस्वामी के द्वार
बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य बुनकर सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने समस्याएं सुनने के बाद निस्ताकरण करवाने का आश्वासन दिया। फ्रीडम पार्क में समस्याओं और मांगों को लेकर धरना दे रहे बुनकर श्रमिकों को पुलिस ने हटा दिया, जिस पर वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर तत्काल वहां पहुंचे मुख्य सचिव कृष्णय्या, वृत्त निरीक्षक सतीश कुमार ने मध्यस्थता निभाते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए आश्वस्त किया।
इसके बाद निमंत्रण पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवलिंग जी.तिरकी व संगठक डॉ दुर्गानंद भागवत के नेतृत्व में श्रमिक नेता एडी रविचंद्रन नेरिबेंचे, नागराज बेंगलूरु, राजेंद्र मिरजी, बसवराज मन्मी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री स्वामी से मुलाकात की और अपनी समस्याओं और मांगों के संबंध में अवगत कराते हुए मांग पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि आगामी दिनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों के तत्काल बाद श्रमिक आयुक्त, वित्त आयुक्त व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और मांगों को निस्तारित कर दिया जाएगा। आश्वासन के बाद बुनकर श्रमिकों ने अपना आंदोलन स्थगित किया।
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एलिवेटेड सड़क परियोजना के पक्ष में नहीं है सरकार: वन मंत्री
बेंगलूरु. वन मंत्री आर. शंकर ने शुक्रवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि सरकार बंडीपुर टाइगर रिजर्व में केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित एलिवेटेड सड़क परियोजना के पक्ष में नहीं है। वन विभाग और वन्यजीव संरक्षणविद् शुरू से ही इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रदेश सरकार जल्द ही अपना पक्ष रखेगी। केंद्र सरकार ने सुझाव दिया था कि अगर चार एलिवेटेड सड़क बना दी जाए तो सुप्रीम कोर्ट बंडीपुर टाइगर रिजर्व में 24 घंटे वाहन परिचालन जारी रखने की अनुमति दे सकता है।
अब राहत सामग्री का बहाना
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि वन्यजीवों को रात के समय किसी तरह की परेशानी न हो और वे सड़क हादसों का शिकार न हो इसके लिए बंडीपुर टाइगर रिजर्च व वायनाड राष्ट्रीय उद्यान से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 212 के करीब 25 किलोमीटर सड़क पर गत नौ वर्ष से रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक यातायात परिचालन प्रतिबंधित है।
एनएच 212 कर्नाटक व केरल को जोडऩे वाली प्रमुख सड़क है। लेकिन केरल सरकार प्रतिबंध हटवाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंच सके इसके लिए केरल सरकार ने अस्थाई रूप से प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। लेकिन इस मार्ग से राहत सामग्री ले जाने की कोई जरूरत ही नहीं है।
Updated on:
13 Oct 2018, 6:04 PM IST
Published on:
13 Oct 2018, 6:04 PM IST
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