
ट्रक चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
कलबुर्गी. अखिल भारतीय मोटर परिवहन कांगे्रस के आह्वान पर ट्रक चालकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी कर्नाटक में जारी रही। हड़ताल के कारण अब व्यापार पर असर पड़ेगा तथा आवश्यक वस्तुओं की कमी होने लगेगी। ट्रक चालकों की मांग है कि डीजल की दरें कम की जाएं तथा टोल टैक्स घटाया जाए।
गुलबर्गा ट्रक मालिक संगठन ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है। शनिवार को संगठन के सदस्यों ने आलंद रोड स्थित महात्मा गांधी ट्रक टर्मिनल के पास विरोध प्रदर्शन किया। कलबुर्गी जिला में लगभग बारह हजार ट्रक चालक हड़ताल में शामिल हैं।
संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद मोहिनुद्दीन ने बताया कि अड़तालीस हजार चालक और सफाई करने वाले काम पर नहीं आए। हड़ताल के कारण ट्रकों पर माल नहीं भरे जा सके। उन्होंने बताया कि अरहर दाल की बोडिय़ां, अन्य माल तथा जिले में स्थित नौ सीमेंट कारखानों से रेलवे स्टेशन तक ढुलाई रोक दी गई है।
राष्ट्रीय राजमार्गों को टोलमुक्त किया जाए
मोहिनुद्दीन ने बताया कि सड़कों को टोलमुक्त करने के लिए चालक सरकार को अग्रिम भुगतान करना चाहते हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल बूथों पर चालकों को कतार में लग कर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
इससे डीजल की बर्बादी होती है। सड़कों को टोलमुक्त करने के लिए सरकार को प्रति ट्रक प्रतिवर्ष पचास हजार रुपए भुगतान करने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे सरकार को प्रतिवर्ष बीस हजार करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति होगी जबकि अभी टोल बूथों से प्रतिवर्ष अ_ारह हजार करोड़ रुपए ही एकत्र किए जा रहे हैं।
व्यापार थम गया है
इधर, हैदराबाद-कर्नाटक चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अमरनाथ पाटिल ने कहा कि हड़ताल के कारण पिछले दो दिनों से व्यापार पूरी तरह थम गया है। उन्होंने सरकार से हड़तालियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि ऐसा नहीं किए जाने पर व्यापारी समुदाय बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
Published on:
22 Jul 2018 05:38 pm
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