
रक्षा मंत्रालय को भूमि देने का फैसला नहीं होगा रद्द : महापौर
बेंगलूरु. महापौर संपतराज ने कहा कि रक्षा मंत्रालय को 207 एकड़ जमीन देने का फैसला रद्द नही होगा और सड़क विस्तार का काम शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने शुक्रवार को बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका के आयुक्त एन.मंजुनाथ प्रसाद, बेंगलूरु शहरी जिले के जिलाधिकारी विजय शंकर, अतिरिक्त मुख्य सचिव महेंद्र जैन और अन्य अधिकारियों के साथ आनेकल तहसील के तम्मानायकन हल्ली के सर्वे नंबर 23 का जायजा लेने के बाद कहा कि रक्षा मंत्रालय मेखरी सर्कल, रिचमंड टाउन, गंगानगर, टैनरी रोड, यलहंका और अन्य दस से अधिक जगहों पर अपनी कीमती जमीन दे रहा है। इसके बदले उसे पालिका से 207 एकड़ जमीन दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि शहर के कई प्रमुख सड़कों को विस्तार करने के लिए जमीन की जरूरत है। बीबीएमपी ने लोगों से जमीन देने का अनुरोध किया था लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण सड़कों का विस्तार और अन्य परियोजनाओं का काम रुका हुआ था। शीघ्र ही दोनों पक्षों के बीच इस सिलसिले मेंं करार होगा। पिछले सप्ताह रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन ने मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी को आश्वस्त किया था कि सड़क विस्तार और अन्य कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय जमीन देने को तैयार है।
उन्होंने भी निर्मला सीतारामन से भेंट कर जमीन देने का अनुरोध किया था। सेना को जमीन देने का विरोध तम्मानायकनहल्ली और आस-पास के गांवों के लोग रक्षा मंत्रालय को भूमि देने के पालिका व सरकार के के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस जमीन पर वे कई सालों से खेती कर रहे हैं। सरकार किसानों के सामने आजीविका की समस्या खड़ी करना चाहती है। कई लोगों ने यहां घास और औषधीय पौधे भी लगाए हैं। सरकार ने अब इस जमीन पर चारों तरफ बाडबंदी करने का फैसला किया है। सैकड़ों किसानों को खेती से वंचित किया जा रहा है। अगर सरकार ने जमीन रक्षा मंत्रालय को दी तो किसान धरना देकर विरोध जताएंगे।
Published on:
11 Aug 2018 08:33 pm
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