
बाराबंकी: एकता और सौहार्द का प्रतीक बना शहर
Jumma Namaz Barabanki 2025: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में शुक्रवार को जुमे की नमाज और होली के त्योहार को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया गया। दोनों समुदायों के बीच प्रशासन और स्थानीय नागरिकों की सूझबूझ से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। प्रशासन ने पहले ही धार्मिक नेताओं और क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया था कि दोनों पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हों।
बाराबंकी प्रशासन ने पहले से ही इसको लेकर पुख्ता इंतजाम किए थे। लोक सभागार कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों, पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि त्योहारों को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा और किसी भी तरह की अफवाहों को फैलने नहीं दिया जाएगा।
इस साल होली का त्योहार रमजान के महीने के साथ पड़ा, जिससे यह और भी खास हो गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रंगों के इस पर्व के प्रति सम्मान प्रकट किया, तो वहीं हिंदू समुदाय ने भी रोजेदारों की भावनाओं की कद्र करते हुए संयम और सद्भावना का परिचय दिया। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान भी शहरभर में सौहार्द का माहौल देखने को मिला।
शुक्रवार को बाराबंकी की सभी प्रमुख मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। शहर की जामा मस्जिद, ईदगाह मस्जिद, मोहम्मदी मस्जिद और अन्य प्रमुख मस्जिदों में प्रशासन की निगरानी में नमाज सकुशल संपन्न हुई। नमाज के बाद मौलानाओं ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की और देश की एकता और अखंडता के लिए दुआ मांगी।
शहर के विभिन्न हिस्सों में जब होली का जुलूस निकला, तो मुस्लिम भाइयों ने उनका स्वागत किया। कुछ जगहों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने होली खेल रहे लोगों को गुलाब का फूल दिया और भाईचारे का संदेश दिया। वहीं, हिंदू समुदाय के लोगों ने भी रोजेदारों को इफ्तार के लिए शुभकामनाएं दीं।
बाराबंकी प्रशासन ने त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए थे। पूरे जिले में पुलिस बल तैनात किया गया था। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही थी और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में पूरी तरह से शांति और सद्भाव बना रहा और किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
इस दौरान सोशल मीडिया पर भी बाराबंकी की गंगा-जमुनी तहजीब की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। लोग इन तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं और एकता और प्रेम का संदेश दे रहे हैं। होली खेल रहे लोगों के बीच से गुजरते नमाजियों से हाथ मिलाने और उन्हें शुभकामनाएं देने के वीडियो को काफी सराहा जा रहा है।
बाराबंकी के लोगों ने इस बार होली और जुमे की नमाज को मिल-जुलकर मनाकर पूरे देश को यह संदेश दिया कि धर्म से पहले इंसानियत आती है। त्योहार आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक होते हैं, न कि वैमनस्यता का।
Updated on:
14 Mar 2025 07:31 pm
Published on:
14 Mar 2025 07:31 pm
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