8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Election: खर्च की दरें तय, मिठाई की रेट कम, फूलों के हार की ज्यादा, चाय दर 5 रुपए

Rajasthan Assembly Election 2023 : आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से आदर्श आचार संहिता के तहत जारी चुनाव खर्च को लेकर 100 से अधिक वस्तुओं व कार्यों की दरें तय की गई है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बारां

•

image

Santosh Trivedi

•

Updated: 18 Jul 2023, 2:54 PM IST

rajasthan_assembly_election_2023.jpg

बारां/पत्रिका न्यूज नेटवर्क। Rajasthan Assembly Election 2023 को लेकर निर्वाचन विभाग की ओर से आदर्श आचार संहिता के तहत जारी चुनाव खर्च को लेकर 100 से अधिक वस्तुओं व कार्यों की दरें तय की गई है। तय दरों में रोचक बात यह है कि जहां 100 एमएल चाय की एक प्याली का दाम 5 रुपए तय किया गया है तो फूलों के एक हार की दर एक हजार रुपए दर्शाई गई है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी निर्वाचन विभाग राजस्थान जयपुर के दिशा निर्देशानुसार आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करवाए जाने के लिए राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों द्वारा चुनावी व्यय के लिए विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं की दरो का निर्धारण करने एवं अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार विमर्श करने के लिए जिले के समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियो के साथ 13 जुलाई को उप निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी।

उप निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी उपस्थित राजनीतिक दलों से संबधित प्रतिनिधियों की भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा आम चुनाव 2023 के दौरान निर्वाचन व्यय पर नियंत्रण के दृष्टिगत राजनीतिक दलों द्वारा व्यय किए जाने वाले विभिन्न आइटम्स की जिला स्तर पर निर्धारित किए जाने के संबंध में दिशा निर्देश प्रदान किए गए। निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार निर्वाचन व्यय नियंत्रण के तहत राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों द्वारा जिले में चुनाव के दौरान प्रचार प्रसार के संबंध में किए जाने वाले खर्च की दरों का निर्धारण किया गया।

इनकी दरें निर्धारित
बैठक के दौरान जिन कार्यों तथा वस्तुओ की दरें निर्धारित की गई। इनमें माइक व्यवस्था तथा डिस्पले व्यवस्था, टेन्ट व्यवस्था, कपड़े के सैनर लिखाई सहित, प्लैक्स बैनर, हैण्डबिल व पम्पलेट, होर्डिंग्स, पेन्टिंग व वॉल पेटिंग, साइट पर होर्डिंग्स लगाने की मजदूरी, कटआउट कपड़ा व प्लास्टिक, माला, विद्युत व्यवस्था, वाहन खर्चा, होटल एवं धर्मशाला किराया, चाय, पानी व खाने की दरें, समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया टेलीविजन की विज्ञापन दरें, प्रसार भारती आकाशवाणी व एमफएम की विज्ञापन दरें, नगरपरिषद व नगरपालिका क्षेत्र में होर्डिंग्स का किराया, तकनीकी कार्मिकों व सहायक कार्मिकों की दरें, बल्क में एसएमएस की दरें, सिनेमा हॉल मैरिज हॉल किराया, मेडिकल आइटम, कार्यालय किराया, कार्यकर्ताओं का व्यय तथा फोटो कॉपी के बिन्दुओं में 100 से अधिक दरें निर्धारित की गई हैं।

कार्यकर्ताओं का व्यय
निर्वाचन विभाग ने विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ताओं के खर्च की दरें भी तय कर दी हैं। बैठक के निर्णय अनुसार प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिदिन 100 रुपए ही खर्च कर सकेगा। उक्त दरें जिला स्तर पर तैयार की गई हैं। इनका अनुमोदन समिति एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श के बाद किया गया है। हालांकि इनके अलावा किसी अन्य आइटम के लिए संबधित अधिकार क्षेत्र में प्रचलित दरों पर गणना करने के लिए जिला स्तरीय निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण समिति अधिकृत होगी। वहीं बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि उक्त दरें न्यूनतम हैं। यदि प्रत्याशी व राजपरतिक दलों द्वारा प्रेषित बिलों में आइटम विशेष के लिए दरें अधिक अंकित किए जाने पर वहीं दरें मान्य होंगी।

किसी में ज्यादा तो किसी में कम
चुनाव खर्च के लिए निर्धारित की गई फूल माला व हार की दरें इस प्रकार हैं। पुष्पहार बड़ा प्रतिनग एक हजार रुपए, गुलाब की माला एक 30 रुपए, बुके प्रतिनग सौ रुपए, साफा प्रतिनग 125 रुपए, शॉल 200 रुपए, चाय 100 एमएल 5 रुपए, काफी 10 रूपए, कचौरी 8 रुपए, मिठाई 200 रुपए किलो समेत कई दरें विसंगति पूर्ण हैं।

यह भी पढ़ें : सितंबर में आ सकती है कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची, जानिए पहली सूची में कौनसी सीटें होंगी?

मिठाई की रेट कम, फूलों के हार की ज्यादा
निर्धारित दरों में जहां मिठाई की रेट 200 रुपए प्रति किलो निर्धारित की गई हैं। जबकि 450 रुपए प्रतिकिलो से कम मिठाई मिलती नहीं है। वहीं फूलों के हार की एक हजार है, जबकि यह 100 रुपए में मिल जाता है। वहीं चाय 100 एमएल 5 रुपए की रखी गई है। जो कि इस रेट में घर में भी नही बन सकती।