
Shahmatganj Overbridge
बरेली। शहर के शहामतगंज ओवरब्रिज को लेकर घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के फ्रंटल संगठनों द्वारा उद्घाटन का दावा करने के बाद बिथरी चैनपुर के भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल ने मंगलवार को ओवरब्रिज का जनता के हित में उद्घाटन करने का दावा किया था, लेकिन भाजपा विधायक ने मौके पर पहुंच कर उद्घाटन से इंकार कर दिया। जिसके बाद पब्लिक ने पुल की बैरिकेडिंग हटाकर उस पर वाहन दौड़ा दिए।
क्या बोले भाजपा विधायक
पुल को पब्लिक के लिए शुरू करने का दावा करने वाले भाजपा विधायक राजेश मिश्रा तय समय से काफी समय बाद पुल के बरेली कॉलेज वाले छोर पर पहुंचे। उनके साथ आंवला के सांसद धमेंद्र कश्यप, नवाबगंज के विधायक केसर सिंह और फरीदपुर के विधायक श्याम बिहारी भी थी। भाजपा नेताओं के वहां पहुंचने के बाद लोगों को लगा कि अब पुल शुरू हो जाएगा, लेकिन मौके पर पहुंचे भाजपा नेताओं ने पुल का उद्घाटन करने से मना कर दिया और कहा कि पुल के उद्घाटन का फैसला लखनऊ से होगा। जल्द ही पुल का पूरा काम होने के बाद इसका लोकार्पण किया जाएगा।
नेताओं के जाने पर पब्लिक ने खोला
भाजपा नेताओं के मौके से जाने के बाद वहां मौजूद भीड़ ने बैरिकेडिंग हटाकर उस पर वाहन दौड़ा दिए। इस दौरान पुलिस ने उद्घाटन न होने का हवाला देकर बैरिकेडिंग कर दी, लेकिन भीड़ ने फिर से बैरिकेडिंग हटाकर वाहन दौड़ा दिए। जिसके बाद पुल पर पत्थर की बैरिकेडिंग लगाकर पुल पर ट्रैफिक को रोक दिया गया।
अभी काम बाकी
समाजवादी पार्टी के फ्रंटल संगठनों ने दो दिन पहले ओवरब्रिज पर पहुंच कर वहां पर पूजा-पाठ कर नारियल फोड़ ओवरब्रिज के उद्घाटन का दावा किया था। उस समय वित्त मंत्री ने कहा था कि अभी सुरक्षा की दृष्टि ओवरब्रिज पर काफी काम रह गया है। अभी पुल पर ब्यूकटर लगाए जाने है और रोटरी भी बननी है जिसके लिए बजट भी जारी हो गया है।
तमाम नेता नहीं पहुंचे
आज पुल के उद्घाटन कार्यक्रम में मेयर समेत कई विधायकों को भी पहुंचना था, लेकिन सिर्फ तीन विधायक और सांसद मौके पर पहुंचे। बाकी सभी नेताओं ने कार्यक्रम से दूरी बना ली और विधायक पप्पू भरतौल को बगैर उद्घाटन किए वापस लौटना पड़ा।
पिछली सपा सरकार में हुआ था पास
शहर को दो हिस्सों को जोड़ने के लिए शहामतगंज में फ्लाई ओवर की मांग लम्बे समय से चली आ रही थी। पिछली सपा सरकार में 10 जून 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फ्लाईओवर को मंजूरी दी। जिसके बाद 22 जुलाई 2016 को इस पुल का प्रपोजल मंजूर किया गया और 25 अक्टूबर 2016 को पुल के लिए भूमि पूजन किया गया। शहामतगंज का ये पुल 7.5 मीटर ऊंचा और 1017 मीटर लम्बा है ये पुल 31 पिलर पर टिका हुआ है और पुल को बनाने में करीब 42 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
Updated on:
16 Jan 2018, 3:25 PM IST
Published on:
16 Jan 2018, 3:22 PM IST
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