
बेटियां बेटों की तरह पढ़ें व आगे बढ़ें, हर क्षेत्र में सफलता के झण्डे गाड़े
बालोतरा.
बेटियां बेटों से कम नहीं हैं। बेटियां बेटों की तरह पढ़ें व आगे बढ़ें, हर क्षेत्र में सफलता के झण्डे गाड़े, समाज में यह सोच विकसित करने को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से बेटी इन ऑफिस अभियान आयोजित किया जा रहा है। अभियान से जुड़ कर बड़ी संख्या में बेटियां पिता के कार्य स्थलों पर पहुंच अनुभवों को साझा कर रही हैं।
नाम- ओजस्वी माहेश्वरी
पिता का नाम- के.सी. कांकाणी
कक्षा- चतुर्थ
व्यवसाय- आयकर अधिकारी
व्यू- स्कूल, पढ़ाई, टी.वी. खेलकूद में कब समय बीतता पता नहीं चलता। पापा के व्यस्त रहने पर बाहर घूमने भी कम जाती हूंं। पापा के बुलावे पर पहली बार उनके ऑफिस पहुंची। एक घंटे से अधिक बीताए समय में पापा ने कामकाज के बारे में जानकारी दी। बहुत अच्छा लगा।
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नाम- अंकिता सोहाम
पिता का नाम- महेन्द्र सोहाम सिणली
कक्षा- चौथी
व्यवसाय- हॉलसेल कॉस्मेटिक कारोबारी
व्यू- व्यवसाय को लेकर पापा सुबह घर से जल्दी जाते, काम निपटाकर देर रात लौटते हैं। पापा के साथ कम ही समय बीतता है। पहली बार बुलावे पर मैं गोदाम पहुंची। उन्होंने कॉस्मेटिक के सैकड़ों आइटम, इनके बनने,खरीदारी करने व बेचने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एक घंटा कब बीता पता नहीं चला। बहुत खुशी हुई।
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नाम- उषा पालीवाल
पिता का नाम- अमृत पालीवाल
कक्षा- नवमी
व्यवसाय- होलसेल किराणा कारोबारी
व्यू- पापा के कामकाज के बारे में सुना था, लेकिन कभी देखने का अवसर नहीं मिला। पापा के बुलावे पर मण्डी पहुंची। दो घंटे से अधिक समय बिताया। पापा ने गुड़, शक्कर, घी के बनने व मण्डी कारोबार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बहुत अच्छा लगा।
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नाम- भाविका हेड़ा
पिता का नाम- अशोक हेड़ा
कक्षा- 12वीं
व्यवसाय- कम्प्यूटर डिजाइनिंग कार्य
व्यू- स्कूल व घर में ही अधिकांश समय बीतता है। पापा के कहने पर पहली बार उनके ऑफिस पहुंची। पापा ने कम्प्यूटर से टेक्सटाइल्स उद्योग के लिए बनाई जाने वाली हजारों डिजाइनों के बारे में जानकारी दी। बहुत ही मेहनत भरा कार्य है।
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नाम- भूमि पोद्दार
पिता का नाम- नवनीत पोद्दार
कक्षा- दसवीं
व्यवसाय- टैक्स टाइल्स कारोबारी
व्यू- मम्मी के साथ अधिकांश समय बीतता है। पापा के बुलावे पर मैं पहली बार उनके ऑफिस पहुंची। पापा ने ग्रे कपड़ा खरीद, पोपलीन तैयार होने व देश के विभिन्न भागों में इसकी बिक्री के बारे में विस्तार से जानकारी दी। घंटों का समय कब बीता पता नहीं चला। बहुत खुशी हुई।
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नाम- आर्यासिंह
पिता का नाम- डॉ. बलराजसिंह
कक्षा- तीसरी
व्यवसाय- चिकित्सालय प्रमुख अधिकारी
व्यू- स्कूल व घर में ही पूरा समय बीतता है।पापा के बुलावे पर चिकित्सालय पहुंची। पापा ने चिकित्सालय व्यवस्थाओं व संचालन के बारे मेंं जानकारी दी। शिशु सघन इकाई में उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की। बहुत अच्छा लगा। बहुत खुशी हुई।
Published on:
27 Sep 2018, 5:59 PM IST
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