
भरतपुर। डीग क्षेत्र के गांव सहारई में एक परिवार वालों के उस समय होश उड़ गए, जब उन्हें पता चला कि उनकी डेढ़ साल की बच्ची के गले में विक्स की बड़ी डिब्बी फंस गई। जानकारी मिलते ही परिजन बेटी को आनन-फानन में इमरजेंसी लिए डीग के रेफरल अस्पताल लेकर पंहुचे। इस दौरान बच्ची की सांस रूक रही थी, जिसकी वजह से उसकी तबीयत भी लगातार बिगड़ रही थी।
बच्ची के अस्पताल लाने पर अस्पताल में मौजूद एमडी मेडिसिन कैंसर रोग विशेषज्ञ (फेलोशिप इन क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी) जेएस डॉ. गजेन्द्र पाल सिंह ने बच्ची की लगातार मॉनिटरिंग की और सामान्य प्रक्रिया के कुछ समय बाद बच्ची के स्वस्थ्य होने की पुष्टि की, जिससे परिवार वालों की जान में जान आई।
डॉ. गजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि गुरूवार सहारई निवासी एक दम्पती अपनी 18 माह की बेटी के साथ इमरजेंसी में आई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने खेलते समय विक्स की डिब्बी ले ली थी। कुछ देर बाद वह डिब्बी बेटी के गले में फंस गई थी। उसकी नाक से खून बह रहा था। दोनों नथुने खून से भरे हुए थे।
बच्ची जोर-जोर से सांस ले रही थी। उसका चेहरा नीला पड़ गया था। सीएचसी स्टाफ की मदद से बिना किसी ऑपरेशन के निष्कर्षण प्रक्रिया के बाद विक्स की डिब्बी को बच्ची के गले से बाहर निकाला। डॉ. गजेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि स्थिति ऐसी लगी कि जैसे बच्ची अब जाने वाली हो, लेकिन अब वह ठीक है।
Updated on:
06 Dec 2024 05:18 pm
Published on:
06 Dec 2024 05:18 pm
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