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हाईकोर्ट ने रद्द किया भूपेंद्र कुलदीप का अटैचमेंट, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद पर फिर पेच

Chhattisgarh High Court: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भूपेंद्र कुलदीप को उच्च शिक्षा संचालनालय, रायपुर में अटैच करने का शासन का आदेश निरस्त कर दिया है।
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Chhattisgarh News

हेमचंद विश्वविद्यालय (photo- patrika)

Bhilai News: हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद को लेकर प्रशासनिक स्थिति फिर उलझ गई है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने गुरुवार को कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप को उच्च शिक्षा संचालनालय, रायपुर भेजने का शासन का आदेश निरस्त कर दिया। दूसरी ओर, इसी आदेश के आधार पर साइंस कॉलेज दुर्ग के इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार पांडेय प्रभारी कुलसचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद को लेकर शासन के अगले आदेश का इंतजार है।

विभागीय जांच का तर्क भी नहीं आया काम

शासन ने कोर्ट में इसे तबादला नहीं बल्कि विभागीय जांच लंबित होने के कारण अटैचमेंट बताया था। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अटैचमेंट के लिए भी शासन ने कोई स्पष्ट वैधानिक प्रावधान या अधिकार नहीं बताया। आदेश रद्द होने के बाद अब भूपेंद्र कुलदीप को संचालनालय भेजने का आधार समाप्त हो गया है।

अगले आदेश पर नजर

एक ओर डॉ. अनिल पांडेय प्रभारी कुलसचिव के रूप में काम कर रहे हैं, वहीं कोर्ट के आदेश से भूपेंद्र कुलदीप को हटाने वाला शासन का आदेश निरस्त हो चुका है। ऐसे में विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए अब शासन के अगले आदेश का इंतजार है।

आदेश पर कोर्ट ने लगाई रोक

उच्च शिक्षा विभाग ने 29 सितंबर को भूपेंद्र कुलदीप को उच्च शिक्षा संचालनालय में अटैच करने के साथ डॉ. अनिल पांडेय को प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया था। इसके खिलाफ कुलदीप ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने शासन का आदेश निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सम्बंधित नियमों के तहत राज्य सरकार को विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के स्थानांतरण की शक्ति हो सकती है, लेकिन किसी विवि कर्मचारी को उच्च शिक्षा संचालनालय जैसे सरकारी विभाग में भेजने का अधिकार उस प्रावधान से नहीं मिलता।