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Durg Opium Case: 62.42 टन अफीम मामले में छोटू राम विश्नोई को राहत नहीं, कोर्ट ने खारिज की जमानत

Opium Smuggling Case: अफीम मामले में छोटू राम विश्नोई को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए NDPS एक्ट की धारा 37 के प्रावधानों को माना।
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भिलाई

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Love Sonkar

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Oct 01, 2026

Durg Opium Case

बिलासपुर हाईकोर्ट (Photo Patrika)

Opium Case: पुलगांव थाना क्षेत्र के झांझरी गांव के पास कथित अवैध अफीम की खेती के मामले में आरोपी छोटू राम विश्नोई को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की अदालत ने 29 सितंबर 2026 को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला अपराध क्रमांक 247/2026 से जुड़ा है, जिसमें आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 18, 29 और 27(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

कार्रवाई में मिले थे 14 लाख से अधिक अफीम के पौधे

अभियोजन के अनुसार, 6 मार्च 2026 को पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने झांझरी गांव के पास कार्रवाई की थी। इस दौरान कथित तौर पर करीब 14 लाख 30 हजार 100 अफीम के पौधे बरामद किए गए। इन पौधों का कुल वजन करीब 62,424.4 किलोग्राम यानी 62.42 टन बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम के पौधे मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई और कई लोगों को आरोपी बनाया गया।

सह-आरोपी के मेमोरण्डम के आधार पर गिरफ्तारी

मामले में छोटू राम विश्नोई को 12 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी सह-आरोपी विकास विश्नोई के मेमोरण्डम के आधार पर हुई। शासन की ओर से अदालत में यह आरोप रखा गया कि विकास विश्नोई के मेमोरण्डम में छोटू राम पर अफीम के बीज उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के जेल में रहने, उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने और जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र पेश किए जाने का हवाला दिया। इन आधारों पर आरोपी की ओर से जमानत देने का अनुरोध किया गया।

धारा 37 के प्रावधानों को माना महत्वपूर्ण

वहीं, शासन ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और आरोपी की कथित भूमिका का उल्लेख किया। अदालत ने उपलब्ध सामग्री पर विचार करने के बाद प्रथमदृष्टया आरोपी की संलिप्तता से इनकार नहीं होने की बात कही। हाईकोर्ट ने यह भी माना कि मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के प्रावधान लागू होते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने छोटू राम विश्नोई की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद आरोपी को फिलहाल जमानत का लाभ नहीं मिल सका है।