नारेबाजी करते एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। मृतक परिजनों को मुआवजा, जहाजपुर-शक्करगढ़ थानाप्रभारी के निलंबन समेत चार मांगें रखी। माहौल को देखते दस थानों की पुलिस के साथ अधिकारी वहां डटे रहे। करीब 18 घंटे बाद सहमति बनी और सोमवार दोपहर बाद नाथून के लेखराज मीणा व सम्मेल का भाटा (सरसिया) के धीरज सुवालका व रमेश मीणा का पोस्टमार्टम हुआ। इनमें दो का सरसिया व एक का नाथूना में अंतिम संस्कर हुआ।