
हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस। फोटो: पत्रिका
भीलवाड़ा। सुभाष नगर क्षेत्र में घटित कमला कांकरिया हत्याकांड में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रूह कंपा देने वाले और सनसनीखेज खुलासे हो रहे है। 72 वर्षीया वृद्ध महिला की निर्मम हत्या और शव को छत पर जलाने के इस दिल दहला देने वाले मामले में अब ऐसा घिनौना मोड़ आया है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्यों को मिटाने की नीयत से आरोपियों ने बाकायदा एक मटन पार्टी का आयोजन किया, जिसमें 40 से अधिक लोग शामिल हुए थे।
घटना के अगले ही दिन यानी 13 अक्टूबर को सुभाष नगर में बड़ी पुलिया के समीप आरोपी रवि के घर में चूल्हे, लकड़ियों के ढेर, भगोने और अन्य सामान पहुंचाए गए। इसके बाद 14 अक्टूबर की सुबह दस बजे से मकान की छत पर हांडी चढ़ाकर मटन पकाया गया और शराब की महफिल जमी। मृतका के अधिकांश अवशेष अभी तक बरामद न होने और आरोपियों के लगातार गुमराह करने के कारण अब पुलिस इस पर भी गंभीरता से जांच कर रही है कि कहीं साक्ष्य पूरी तरह नष्ट करने के इरादे से शव के कुछ टुकड़ों को इसी मटन में तो नहीं मिला दिया मिला दिया था। इस आशंका के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा और तेज कर दी है।
वारदात में शामिल अपराधियों का जाल भी धीरे-धीरे सामने आ रहा है। पुलिस ने शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले तीसरे आरोपी 19 वर्षीय आर्यन शर्मा उर्फ चूचा को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेश कर उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी आर्यन दसवीं कक्षा का छात्र है, जो मुख्य आरोपी रवि तापड़िया की आपराधिक गैंग का सक्रिय हिस्सा था। इसके अलावा मामले में चौथे आरोपी के रूप में रवि के भतीजे कालू तापड़िया को भी नामजद कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक सागर राणा के निर्देशों पर अजमेर से विशेष डॉग स्क्वायड की टीम बुलाई गई। पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह और भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी की मौजूदगी में डॉग स्क्वायड ने दोपहर बाद रवि तापड़िया के मकान की छत और विभिन्न हिस्सों की बारीकी से छानबीन की।
स्निफर डॉग द्वारा छत के कुछ विशिष्ट हिस्सों पर दिए गए संकेतों के आधार पर अब पुलिस मकान की छत और अन्य संदिग्ध स्थानों पर खुदाई कराने की तैयारी कर रही है।
पुलिस टीम तीनों गिरफ्तार आरोपियों को लेकर वारदात स्थल पर पहुंची और पूरी घटना का क्राइम री-किएक्शन करवाया। आरोपी रवि ने पुलिस के सामने वह जगह दिखाई जहां वृद्धा को मौत के घाट उतारा गया था और वह हिस्सा भी चिन्हित किया जहां शव को आग के हवाले किया गया। गौरतलब है कि वीर सांवरकर चौक निवासी 72 वर्षीया कमला कांकरिया 12 अक्टूबर से लापता थीं। करीब 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी के लालच में उसी रात वृद्धा की निर्मम हत्या कर दी थी। साक्ष्य मिटाने के लिए 13 अक्टूबर की देर रात शव को छत पर ले जाकर जला दिया गया और बची हुई हड्डियों व राख को बोरियों में भरकर कोठारी नदी में बहा दिया गया था।
अवशेषों की पुष्टि और मृतका की पहचान के लिए उदयपुर से उनकी बड़ी बहन उगम देवी को बुलाकर ब्लड सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
Updated on:
29 Oct 2026, 11:06 AM IST
Published on:
29 Oct 2026, 10:56 AM IST
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