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हम हमारा हक मांग रहे हैं…शाहपुरा बने जिला

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भीलवाड़ा

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Tej Narayan Sharma

•

Updated: 19 Nov 2018, 1:52 AM IST

rajasthan election jan ajenda meeting in bhilwara

rajasthan election jan ajenda meeting in bhilwara

शाहपुरा।

शाहपुरा को जिला बनाने के लिए सरकार के साथ समझौता हुआ था, लेकिन कितनी ही सरकारें आई और चली गई। इस पर अमल नहीं हो सका। प्रदेश में शाहपुरा व किशनगढ़ दो ऐसे कस्बे रहे हैं, जिनको आजादी से पहले स्टेट का दर्जा मिला हुआ था। शाहपुरा को जिला घोषित नहीं करने तक समस्याओं का समाधान भी नहीं हो सकता। अतिक्रमण, पेजयल, रिंग रोड, यातायात व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम, चिकित्सालय सहित अन्य समस्याएं रविवार को यहां आइपीएस विद्यालय में राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित जन एजेंडा बैठक में उभरकर सामने आई। क्षेत्र के जागरूक मतदाताओं ने पत्रिका के माध्यम से क्षेत्र की समस्याएं गिनाने के साथ समाधान सुझाते हुए कहा कि इनको चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों के सामने रखना चाहिए। कस्बे बाशिंदों का कहना था कि शाहपुरा शिक्षा का हब बन सकता है।

रामस्वरूप काबरा व अनिल शर्मा ने कहा कि शाहपुरा स्टेट में 14 अगस्त 1947 को ही आजादी का झंडा फहराया गया, तब शाहपुरा को जिला बनाने का समझौता हुआ था। पार्षद राजेश पारीक ने कहा कि जब तक रिंग रोड का निर्माण नहीं हो जाता, एक करोड़ की लागत से बने बस स्टैण्ड भी नहीं चल सकता। कस्बे में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं लगे व इनकी देखरेख के लिए कमेटी बने। उन्होंने रीको औद्योगिक क्षेत्र, पेयजल, सीवरेज, सेटेलाइट चिकित्सालय में नेत्र विभाग व ब्लड बैंक की मांग की।

रंगकर्मी रामप्रसाद पारीक ने कहा कि रंगमच की लम्बे समय से मांग की जा रही है। समाधान होता है, तो कलाकारों को मंच मिल सकेगा।

श्यामाकंवर कानावत ने महिला थाने व महिला कॉलेज की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को शत-प्रतिशत मतदान कर ऐसे प्रत्याशी को चुनना चाहिए जो शाहपुरा को जिला बनाने में भूमिका निभाए। मधु मारू ने कहा कि उस जनप्रतिनिधि का चयन करें, जो क्षेत्र की समस्याओं का समाधान कर सके।

मोहन गुर्जर ने कहा कि कस्बे के बाहर कृषि भूमि पर जो कॉलोनियां कट रही हैं, वे मास्टरप्लान के आधार पर नहीं हैं। सड़कें कहीं चौड़ी तो कहीं संकरी है। जीर्णशीर्ण होते सिटी पैलेस की मरम्मत कराई जाए तो पर्यटन बढ़ेगा।

कवि दिनेश शर्मा 'बंटी' ने कहा कि रोडवेज बस स्टैण्ड शुरू नहीं हो सका है। बाजार में अतिक्रमण है। लोककवि मोहनलाल मंडेला के नाम से टाउन हॉल बनाने की घोषणा पूरी नहीं हो सकी है। मुरलीधर शर्मा ने यातायात व्यवस्था सुधारने, रिंगरोड, गौरवपथ का कार्य पूरा करने पर जोर दिया। कैलाश जाड़ावत ने स्वतंत्रता सेनानियों का पैनोरमा बनाने तथा ऐतिहासिक धरोहर को संजोने की बात रखी। पार्षद दीपक पारीक ने कहा कि शाहपुरा को शिक्षा का हब बनाने के प्रयास किए जाएं। पार्षद इशाक मोहम्मद, पूर्व पार्षद हामिद खां कायमखानी, राजेंद्र बोहरा, लोकेंद्र शर्मा ने रोजगार बढ़ाने के लिए औद्योगिक इकाइयां शुरू करने पर जोर दिया। इस मौके पर पार्षद रमेश सेन, सद्दीक पठान, विजय टेलर, अविनाश शर्मा, नीलेश जैन, कमलेश पाराशर, बीरबल पवार, राजकुमार अग्रवाल, चंद्रप्रकाश लोढ़ा, हगामदेवी माली, गीतादेवी काबरा, सुनील पाराशर, कमलेश पाराशर, नवीन जैन, सोनू झंवर एवं महेंद्रसिंह लोढ़ा ने भी विचार व्यक्त किए।

स्वयं मतदान करेंगे और दूसरों को भी करेंगे प्रेरित
राजस्थान पत्रिका व फेसबुक के साझा अभियान 'शुद्ध का युद्धÓ के दौरान रविवार को शाहपुरा कस्बे के जागरूक मतदाताओं ने शपथ लेते हुए कहा कि वे शत-प्रतिशत मतदान करेंगे। अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सोशल मीडिया पर चलने वाली फेक न्यूज के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अन्त में सभी ने 7 दिसंबर को मतदान करने व अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।