
ED Raid (सागा ग्रुप के मुंबई-भोपाल ठिकानों पर छापे Photo Source- Patrika)
Saga Group : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सागा ग्रुप से जुड़े 10 हजार करोड़ के निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। 13 से 16 अगस्त के बीच महाराष्ट्र की आर्थिक नगरी मुंबई और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्रुप संचालक समीर अग्रवाल और सहयोगियों के आवासीय और व्यावसायिक ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की गई है।
मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई इस कार्रवाई के दौरान 30 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर, सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, एलआइसी पॉलिसियां और बैंक बैलेंस समेत 9 महंगी गाड़ियां मिलीं हैं। इसके अलावा, 1.53 करोड़ नकद, करीब 35 लाख की विदेशी मुद्रा और 5.25 करोड़ की सोना-चांदी की सिल्लियां जब्त की गई हैं। ईडी के अनुसार, 50 से अधिक शेल कंपनियों का नेटवर्क मिला है। निवेशकों से नकद लेकर क्षेत्रीय कैश कलेक्टरों के जरिए प्रमोटरों तक भेजते थे।
ईडी ने समीर अग्रवाल को सागा ग्रुप का सीएमडी और मुख्य नियंत्रक बताया है। फिलहाल, उसे देश से फरार बताया जा रहा है। ईडी पहले ही दो अलग - अलग प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत उसकी संपत्तियां अटैच कर चुकी है। ग्रुप के प्रमुख पदाधिकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ 24 जुलाई को विशेष कोर्ट में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है।
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, समीर अग्रवाल और सहयोगियों के खिलाफ यूपी, एमपी समेत कई राज्यों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की गई है। इसी आधार पर जांच शुरू की गई। आरोप है कि, 2009 से समूह ने रेकरिंग, फिक्स्ड डिपॉजिट और मंथली इनकम स्कीम के नाम पर लोगों से निवेश कराया। लोगों को 3 से 5 साल में रुपए दोगुने - तिगुने करने के साथ कार और अन्य उपहार देने का लालच दिया। ग्रुप ने फर्जी बैंकिंग ढांचे और अवास्तविक रिटर्न का वादा देकर 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम जुटाई है।
Updated on:
19 Aug 2026 06:59 am
Published on:
19 Aug 2026 06:59 am
