
बड़ी खबरः मध्यप्रदेश में शराबबंदी होगी, यह है मास्टर प्लान
भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस सत्ता में आई तो पूरे राज्य में शराबबंदी लागू कर सकती है। शराबबंदी के जरिए कांग्रेस राजनीति में बड़ा धमाका करने की तैयारी में जुट गई है। वो महिला मतदाताओं को खुश करने में सफल रही तो दोबारा सरकार बना सकती है। कांग्रेस की नजर अब महिला मतदाताओं पर है, जो कुल मतदाताओं में से पचास फीसदी हैं।
मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार की शराबबंदी की घोषणा अब तक पूरी नहीं हो पाई है। लेकिन, कांग्रेस अब शराबबंदी के जरिए फिर सत्ता में आने की मशक्कत में जुट गई है। मध्यप्रदेश में कुल मतदाताओं में 50 फीसदी महिला मतदाता है।
शराबबंदी वाले राज्यों का अध्ययन कर रही है कांग्रेस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मध्यप्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ शराबबंदी वाले राज्यों की शराबबंदी पॉलिसी और उससे होने वाले नुकसान का अध्ययन करवा रहे हैं। नाथ के निर्देश पर कुछ नेता केरल से लेकर बिहार और गुजरात तक में हुई शराबबंदी और उसके इफेक्ट और होने वाले नुकसान का अध्ययन करने में जुटे हैं।
तो दस हजार करोड़ का होगा घाटा
कांग्रेस भी इस बात को जानती है कि शराबबंदी से प्रदेश में दस हजार करोड़ का राजस्व घाटा उठाना पड़ सकता है। इसके बावजूद कमलनाथ आश्वस्त हैं कि कांग्रेस यदि सत्ता में आती है तो इस घाटे से निपट लिया जाएगा।
शराबबंदी पर फैसला नहीं ले पाई सरकार
बिहार में शराब बंदी के बाद मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने भी प्रदेश में शराबबंदी की घोषणा की थी, लेकिन उनका कहना था कि हम धीरे-धीरे जन अभियान चलाकर इसे बंद करेंगे। कुछ दुकानों और अहातों को बंद भी किया गया। लेकिन, सरकार आधिकारिक रूप से अब तक बड़ा फैसला नहीं ले पाई है। इसलिए कांग्रेस सरकार चाहती है कि वो मध्यप्रदेश में दोबारा सत्ता में आने पर शराबबंदी करने को तैयार हैं।
क्या क्या है घोषणा पत्र में
-पेट्रोल पर पांच रुपए और डीजल पर तीन रुपए कम कर दिया जाएगा। वैट की दरों में कमी की जाएगी।
-व्यापमं की एग्जाम्स में जमा की गई फीस को वापस किया जाएगा।
-शिवराज सरकार ने 200 रुपए में बिजली दी, कांग्रेस 100 रुपए माह के फिक्स चार्ज पर अनलिमिटेड बिजली देंगे।
-बेरोज़गारों को हर महिने चार हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देने का वादा।
गणेश चतुर्थी को जारी हुआ घोषणा पत्र
-शुक्रवार को गणेश चतुर्थी के दिन चुनावी घोषणा पत्र कांग्रेस ने जारी कर दिया। इसकी पहली प्रति विघ्न विनाशक के चरणों में रखी गई थी। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को भेजी दी गई। यह घोषणा पत्र 17 सितंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंप दिया जाएगा। हालांकि यह बात पूरे जोरों से कही जा रही है कि यह कांग्रेस का घोषणा पत्र नहीं वचन पत्र है, जिसमें जो कहा गया है वो करके दिखाया जाएगा।
Published on:
15 Sep 2018, 3:42 PM IST
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