25 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पांच बार के सांसद को नया चेहरा देगा चुनौती

- दोनों नेता शिक्षक की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हैं
2 min read
Google source verification
congress

Twitter,Facebook,Instagram,Election 2019,lok sabha election,Loksabha election 2019,Lok Sabha Elections 2019,LS election 2019,General Election 2019,

मंडला. भाजपा के पांच बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के सामने मंडला में कांग्रेस का नया चेहरा है। कांग्रेस ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी छोड़कर आए कमल मरावी को टिकट दिया है। कुलस्ते 2014 की तरह फिर बड़ी जीत की तलाश में हैं तो कांग्रेस 2009 का परिणाम दोहराना चाहती है, जब कुलस्ते को नए चेहरे ने शिकस्त दी थी। आदिवासी (एसटी) के लिए आरक्षित इस लोकसभा सीट पर इस बार के दोनों प्रत्याशी पहले शिक्षक थे। कमल मरावी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से 2003 का विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं पर हार गए थे। 2015 में वे कांग्रेस में शामिल हो गए।
- कमल सिंह मरावी, कांग्रेस प्रत्याशी
शिक्षा- एमए
- ताकत
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में काम करते हुए आदिवासी समुदाय में अच्छी बनाई है।
नया चेहरा होने की वजह से एंटी इंकम्बेंसी होने का खतरा नहीं।
जातिगत समीकरण कमल मरावी के मुफीद।

- कमजोरी
इतने बड़े चुनाव के लिए अनुभव की कमी।
टिकट मिलने के बाद कांग्रेस के मूल कार्यकर्ताओं में असंतोष।
लोकसभा सीट में शामिल नरसिंहपुर से अनजान।

- फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा प्रत्याशी
शिक्षा- एमए, बीएड, एलएलबी
- ताकत
आदिवासी समुदाय के बीच अच्छी पकड़ और बड़े नेता के रूप में पहचान।
पार्टी में टिकट को लेकर कोई विरोध न होना।
संगठन, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का चुनाव की तैयारियों में जुट जाना

- कमजोरी
पांच बार सांसद रहने से एंटी इंकम्बेंसी का खतरा।
क्षेत्र का बुनियादी जरूरतों के मामले में पिछड़ा होना।
विधानसभा चुनाव में परिवारवाद के आरोप से घिरे रहे, भाई की हार हुई।

- फैक्ट फाइल
लोकसभा चुनाव 2014
कुल पड़े मत- 1218661 66.79त्न
फग्गन सिंह भाजपा- 585720 49.21त्न
ओमकार सिंह मरकाम-कंाग्र्रेस-475251 39.93त्न

- लोकसभा चुनाव 2019
कुल मतदाता - 1935652
पुरुष मतदाता- 975447
महिला मतदाता- 960178
मतदान केंद्र - 2581

- राजनीतिक समीकरण
आदिवासी बाहुल्य मंडला सीट भाजपा का गढ़ बन चुकी है। कुलस्ते यहां से पांच बार चुनाव जीते हैं और केंद्र में राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। उनको 2009 में कांग्रेस के नए चेहरे बसोरी सिंह मसकाम ने पटखनी दी थी। इस सीट में मंडला और डिंडौरी के साथ सिवनी जिले की दो और नरसिंहपुर जिले की एक विधानसभा सीट शामिल है, जहां 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। भाजपा वोटों से पिछड़ गई है। कुलस्ते को घेरने के लिए ओमकार सिंह मरकाम को कांग्रेस ने मंत्री बनाया है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति इसी क्षेत्र से आते हैं। इस सीट पर 35 प्रतिशत सामान्य व पिछड़े वर्ग के मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं।


भाजपा की जीत होगी। क्षेत्र के जो विकास कार्य अधूरे रह गए, उनको पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी ने जो मुझ पर भरोसा जताया है, उस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।
- फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा प्रत्याशी

भाजपा की कुशासनिक नीति से मतदाता त्रस्त है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के वचन पत्र के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। भाजपा सरकार ने जिस तरह से लोगों को ठगा है उसे जनता जान गई है। कांग्रेस की विचारधारा से मतदाताओं को घर-घर जाकर अवगत कराया जाएगा।
- कमल सिंह मरावी, कांग्रेस प्रत्याशी