
कांग्रेस की पहली लिस्ट आने के बाद पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का इस्तीफा वायरल, ट्वीट कर कही बड़ी बात
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणाएं की जा रही है। इसी कड़ी में लंबे इंतजार के बाद रविवार की सुबह मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी अपनी पहली सूची जारी करते हुए 144 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। अभी कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम सामने आए ही थे कि कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह के इस्तीफे ने प्रदेश की राजनीतिक खलबली मचा दी। वायरल पत्र में उनके कांग्रेस से इस्तीफा देने की घोषणा की गई है। हालांकि, कुछ देर बाद ही ये भी साबित हो गया कि वायरल पत्र फर्जी है। खुद दिग्विजय सिंह ने इसका खंडन करते हुए भाजपा पर तंज कसा है।
यही नहीं, वायरल हो रहे इस फर्जी पत्र को लेकर दिग्विजय सिंह ने खुद तो पत्र का खंडन किया ही, साथ ही इस मामले में पुलिस कंप्लेंट करने की भी बात कही है। इस संबंध में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य थाना कोहेफिजा में भारतीय जनता पार्टी की शिकायत करने जाएगा। फर्जी ट्वीट करने वाले की जांच के लिए कांग्रेस जांच की मांग करेगी।
दिग्विजय ने ट्वीट कर किया इस्तीफे का खंडन
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने खुद खंडन करते हुए ट्वीट किया कि, भाजपा झूठ बोलने में माहिर है। मैंने १९७१ (1971) में कांग्रेस की सदस्यता ली थी। पद के लिए नहीं बल्कि विचारधारा से प्रभावित हो कर जुड़ा था और जीवन की आखिरी सांस तक कांग्रेस में रहूंगा। इस झूठ की मैं पुलिस में शिकायत दर्ज कर रहा हूं।'
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दिग्विजय सिंह के नाम से वायरल फर्जी इस्तीफे में ये लिखा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दिग्विजय सिंह के नाम से जारी फर्जी इस्तीफे में लिखा है कि 'अपने पांच दशक के राजनीतिक सफर में कई अनुभव मुझे कांग्रेस में रहते हुए मिले। एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक का सफर मैने कांग्रेस पार्टी में रहते हुए तय किया। पार्टी ने मुझे राष्ट्रीय महासचिव से लेकर राज्यसभा सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचाने का काम किया जिसके लिए मैं आजीवन आभारी रहूंगा। लेकिन गत कुछ महीनों से शीर्ष नेतृत्व का निष्ठावान कार्यकर्ताओं के प्रति निराशा, नीति और नेतृत्व में उदासीनता देखकर मैं आहत हूं। मध्य प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ता केंद्रित दल न होकर अब विशेष नेता केन्द्रित हो गई है। जिसकी वजह से खुद को असहज पा रहा हूं।'
पत्र में आगे ये भी लिखा है कि, 'मध्य प्रदेश चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के चयन में मेरे द्वारा दिए गए नामों पर विचार नहीं किया गया है। निष्ठावान कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं दिए जाने से मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंची है। मैं अब एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया हूं जहां मुझे लगता है कि मैं अब ऐसे अन्यायपूर्ण माहौल में नहीं रह सकता। मैं उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने वर्षों से मेरी विभिन्न पार्टी भूमिकाओं में मेरा समर्थन किया है। भारी मन से मैं पार्टी के साथ अपना जुड़ाव खत्म करने के अपने फैसले की घोषणा करता हूं। कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पद से इस्तीफा देता हूं। इसे स्वीकार करें।'
Published on:
15 Oct 2023, 6:33 PM IST
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