
High Blood Pressure
भोपाल। पहले होम वर्क स्कूल डायरी में लिखे जाते थे। अखबार में खबर पढ़ते थे। कुछ लाने भी खुद ही जाना पड़ता था। अब ऐसे कई काम मोबाइल से हो रहे हैं। बदलाव समय की मांग है, पर ज्यादा आदत बड़ी आबादी को बीमार बना रही है। इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार 4 घंटे से जितना अधिक स्क्रीन टाइम होगा। उतना हाई बीपी का खतरा बढ़ेगा। मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. वीके दुबे का कहना है, एक स्थान पर लंबे समय तक बैठे रहने पर मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है। इससे मोटापा, मधुमेह का खतरा बढ़ता है।
300 लोगों पर अध्ययन
बाबा साहेब आंबेडकर कॉलेज में 300 लोगों पर यह शोध किया है। बीएमआई, रक्तचाप व अन्य पहलुओं की जांच की गई। इसमें ४ घंटे से अधिक स्मार्ट डिवाइस चलाने वालों में हाई बीपी की शुरुआत देखने को मिली। जो ८ घंटे तक स्क्रीन के सामने समय बिता रहे, उनका बीपी सामान्य से ज्यादा रहता है।
हाई बीपी के लक्षण
सिरदर्द
सांस फूलना
धुंधला दिखाई देना
नींद नहीं आना
स्मरण शक्ति की क्षति
सीने में दर्द
नाक से खून आना
खून की उल्टी
भोपाल में 67 युवाओं का स्क्रीन टाइम 3 घंटे से ज्यादा
डिस्प्ले डिवाइस के अधिक उपयोग से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। सिर से लेकर रीढ़ की हड्डी तक में दर्द की समस्या बन सकती है। इनसे धीरे-धीरे काम करने की क्षमता घटती है। इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) कहते हैं। भोपाल में 21 से 30 साल के 67.5 परसेंट युवाओं का स्क्रीन टाइम तीन घंटे से अधिक है। उनमें सीवीएस के लक्षण दिखे। यह खुलासा गांधी मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के शोध में हुआ है।
इनका रखें ध्यान
- दो साल तक के बच्चों को डिजिटल स्क्रीन से दूर रखें
-पांच साल तक के बच्चों को 1 घंटा गैजेट चलाने दे सकते हैं
- 14 साल तक के बच्चों को दो घंटे से ज्यादा डिवाइस चलाने नहीं दें
-वयस्क 4 घंटे से ज्यादा फोन, लैपटॉप ना चलाएं
Published on:
23 Jan 2024 09:48 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
