
mp waqf board Properties
MP Waqf Board Properties: राजधानी सहित प्रदेश में अरबों की वक्फ संपत्ति का लेखा-जोखा रखने वाले मुतवल्लियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश में वक्फ की 15 हजार अचल संपत्ति हैं। वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार 2021-22 में इनसे लगभग 1.30 करोड़ रुपए मिले। यह राशि चंदा निगरानी के रूप में आई। यानी हर संपत्ति से औसतन 833 रुपए। वक्फ संशोधन के बाद ये जांच के दायरे में आएंगे। इनमें सबसे ज्यादा राजधानी की 7700 संपत्ति शामिल हैं।
वक्फ संशोधन बिल के बाद संपत्तियों का सत्यापन होगा। बिल के मुताबिक पारदर्शिता लाने के लिए रिकॉर्ड मिलान होना है। देखरेख के लिए बोर्ड ने हर संपत्ति के लिए मुतवल्ली या मैनेजमेंट कमेटी बनाई। आमदनी का एक हिस्सा ये कमेटी बोर्ड को देती है। बाकी संरक्षण और देखरेख के साथ समाज सुधार पर खर्च का प्रावधान है।
राजधानी भोपाल में एक लाख से अधिक आय वाले 12 बड़े वक्फ हैं। इनमें यतीमखाने से लेकर मुसाफिर खाने हैं। होने वाली आय इनके रखरखाव पर खर्च हो रही है।
चंदा निगरानी वक्फ आय का एक हिस्सा है। मुतवल्ली ये बोर्ड को देते हैं।
अब वक्फ संपत्तियों का कुशल प्रबंधन होगा। पूरे सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। लोगों को इसके लाभ होंगे।
-डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
रिकॉर्ड में पारदर्शिता आने से वक्फ संपत्तियों का लेखा-जोखा रखना आसान होगा। बोर्ड ने समितियां बनाई हैं।
-डॉ. सनवर पटेल, अध्यक्ष, वक्फ बोर्ड
वक्फ संपत्तियों पर किराएदारी के नाम अवैध कब्जे हैं। किराए की नई सीमा इन पर लागू हो। संपत्ति के रखरखाव के लिए जिम्मेदार मुतवल्ली की भी भूमिका है। इस पर कानूनी प्रक्रिया तय हो।
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मोहम्मद आफाक, अध्यक्ष, सिटीजन वेलफेयर फोरम
Updated on:
5 Apr 2025, 8:28 AM IST
Published on:
5 Apr 2025, 8:28 AM IST
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