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भोपाल। नवाबी दौर में बनी सेंट्रल लाइब्रेरी अब नए रूप में नजर आएगी। लाइब्रेरी में आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यहां वाइ-फाइ की सुविधा होगी। वहीं लड़कियों के लिए अलग से केबिन की व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं यहां दिव्यांगों के लिए ब्रेल लिपि की सुविधा भी रहेगी। ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। लाइब्रेरी में इस समय विभिन्न विषयों से संबंधित एक लाख से अधिक किताबें हैं। इनमें से एक हजार से अधिक किताबों का डिजिटलाइजेशन हुआ। 20 हजार अन्य किताबें भी लाइब्रेरी आकर पीडीएफ फार्मेट में पढ़ी जा सकतीं हैं।
मात्र 600 रुपए में सालभर की सदस्यता
वर्तमान में साल भर की रजिस्ट्रेशन फीस 1600 रुपए है। इनमें से 600 रुपए लाइब्रेरी की सदस्यता और 1 हजार रुपए डिपॉजिट के रूप में लिया जाता है। 1 हजार रुपए एक साल पूरा होने पर वापस कर दिए जाते हैं। लाइब्रेरी का समय सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक है। खासबात यह है कि यह सह्रश्वताह में सातों दिन खुली रहती है।
केबिन के लिए चल रही है वेटिंग
सेंट्रल लाइब्रेरी में रोजाना 500 से ज्यादा स्टूडेंट रोज पहुंचते हैं, जबकि लाइब्रेरी की सदस्य संख्या 10 हजार है। इसमें से लगभग 5 हजार विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर हैं। यहां 165 केबिन हैं। केबिन के लिए 100 से अधिक वेङ्क्षटग चल रही हैं।
सेंट्रल लाइब्रेरी में जल्द ही कुछ सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इसको लेकर तैयारी चल रही है। लड़कियों के लिए यहां अलग से केविन बनाए जा रहे हैं, इसके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक्सपर्ट की व्यवस्था की जाएगी। रतना वाथवानी, क्षेत्रीय ग्रंथपाल, सेंट्रल लाइब्रेरी
लाइब्रेरी में हैं 8 भाषाओं की किताबें
सेंट्रल लाइब्रेरी में ङ्क्षहदी, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, अरबी, पंजाबी, बंगाली और कई भाषाओं में किताबें उपलब्ध हैं। ये किताबें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में बेहद उपयोगी होती हैं। लाइब्रेरी में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए न्यूनतम शुल्क पर विशेष कक्षाएं भी संचालित की जाती हैं। साल भर यहां नि:शुल्क ओरिएंटेशन, वर्कशॉप और मॉक टेस्ट आयोजित होते है।
Published on:
21 Jan 2024 09:16 am
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